इजराइल और हमास के युद्ध ने हजारों जानें ली और कुछ ऐसे लोग है जिन्हें पूरी जिंदगीभर का घाव दे दिया। सबसे ज्यादा अत्याचार तो बंधक बनाई गयी महिलाओं के साथ हुआ है। कई बंधक माहिलाओं की बेदर्दी से हत्या की गयी उनके साथ सेकड़ों से बलात्कार किया। लड़कियों की टॉर्चर करके हत्या की गयी। ऐसी स्थिति में एक बंधक महिला ऐसी थी जिसके साथ बलात्कार नहीं हुआ महिला ने इसके पीछे का पूरा कारण भी बताया है।

21 वर्षीय टैटू कलाकार मिया शेम, जो 7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़राइल पर हमास के हमलों के दौरान बंधक बनाए गए 250 लोगों में से थी, ने कहा कि जब उसे गाजा पट्टी में उसके अपहरणकर्ता के परिवार के घर में बंदी बनाकर रखा गया था, तो उसे बलात्कार की आशंका थी। इजराइल के चैनल 13 से बात करते हुए मिया शेम ने कहा कि हमास आतंकवादी समूह से जुड़े उसके अपहरणकर्ता ने उसके साथ बलात्कार नहीं किया क्योंकि उसकी पत्नी और बच्चे वहां मौजूद थे। मिया शेम ने पहले कहा था कि उन्हें कुछ ऐसे परिवार मिले जो हमास के लिए काम कर रहे थे। उसने कहा कि कैद में उसका “सबसे बड़ा डर” बलात्कार था।

महिला ने बताया कि उसे बलात्कार का डर था, मरने का डर था। उसकी पत्नी बच्चों के साथ कमरे के बाहर थी। यही एकमात्र कारण था कि हमास के लड़ाकों ने मेरे साथ बलात्कार नहीं किया क्यों की जहां में थी वहां उसके बच्चे और पत्नी भी थे। शेम ने कहा कि उसे बंधक बनाने वाले ने उस पर से अपनी नजरें नहीं हटाईं। शेम को सुपरनोवा फेस्टिवल नामक एक रेगिस्तानी रेव पार्टी की साइट से अपहरण कर लिया गया था और नवंबर के अंत में एक युद्धविराम समझौते के तहत रिहा कर दिया गया था।

महिला ने बताया कि उसे बलात्कार का डर था, मरने का डर था। उसकी पत्नी बच्चों के साथ कमरे के बाहर थी। यही एकमात्र कारण था कि हमास के लड़ाकों ने मेरे साथ बलात्कार नहीं किया क्यों की जहां में थी वहां उसके बच्चे और पत्नी भी थे। शेम ने कहा कि उसे बंधक बनाने वाले ने उस पर से अपनी नजरें नहीं हटाईं। शेम को सुपरनोवा फेस्टिवल नामक एक रेगिस्तानी रेव पार्टी की साइट से अपहरण कर लिया गया था और नवंबर के अंत में एक युद्धविराम समझौते के तहत रिहा कर दिया गया था।

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