15 जनवरी 2024 को मकर संक्रांति का पावन त्योहार पूरे देशभर में मनाया जाएगा। मकर संक्रांति के दिन अलग-अलग जगहों पर जगह अलग तरह की परंपरा है। वहीं मकर संक्रांति के दिन पूरे देश में पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। इसलिए इस दिन को पतंग पर्व भी कहा जाता है।

यह है परंपरा का भगवान राम से नाता इस पर्व में पतंग उड़ाने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पतंग उड़ाने की परंपरा भगवान श्रीराम ने शुरु की थी। भगवान राम ने जो पतंग उड़ाई थी, वो इंद्रलोक तक पहुंच गई थी। यही वजह है कि इस दिन पतंग उड़ाई जाती है।

यह है वैज्ञानिक वजहवहीं अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मकर संक्रांति के दिन सूर्य की किरण शरीर के लिए अमृत के समान होती है। इसलिए इस दिन पतंग उड़ाने से आप सूर्य की किरणों को अधिक मात्रा में ग्रहण करते हैं, जिससे आपके शरीर में विटामिन D की कमी पूरी होती है। इसके साथ ही विभिन्न तरह के रोगों से बचाव होता है।

पतंग उड़ाने का क्यों दिया जाता है संदेश

हमारे देश में पतंग उड़ाने को खुशी, आजादी और शुभ कार्य का संकेत माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ाकर एक-दूसरे को खुशी का संदेश दिया जाता है। साथ ही सूर्य की किरणों को अधिक मात्रा में ग्रहण करते हैं और शरीर में ऊर्जा आती है और विटामिन डी की कमी पूरी होती है।
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