रायपुर। जैसे-जैसे ठग हाईटेक होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे पुलिस भी उनको पकड़ने के लिए हाईटेक होती जा रही है। रायपुर पुलिस ने पिछले 10 दिनों में 2 फर्जी काॅल सेन्टरों भाण्डाफोड़ करते हुए ठगों को जेल की हवा खिला दी है। पहले 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। ठीक उसी तरह रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 ठगों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे, जहां से वे बीमा कम्पनी का प्रीमियम भरने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। आरोपियों ने रायपुर निवासी एक व्यक्ति से करीब 16 लाख की ठगी की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया। मामला डीडी नगर थाना का है। दरअसल प्रार्थी हेमंत कुमार साहू ने थाना डी.डी.नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सुपेला दुर्ग में रहता है तथा उसके साढ़ू साउथ कोरिया में रहते है तथा कभी-कभी अपने सुन्दर नगर स्थित मकान में रहने आते है। 12 जनवरी को प्रार्थी के साढ़ू ने प्रार्थी को फोन कर बताया कि जब वह साउथ कोरिया से अपने घर एस.बी.आई कालोनी, सुंदर नगर रायपुर आया था उस दौरान अज्ञात मोबाईल नम्बर 917252953379 व 918447453329 के धारक द्वारा स्वयं का नाम विपुल बताकर फ्यूचर जेनराली लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी का एजेंट होना बताते हुए प्रार्थी के साढ़ू द्वारा लिये गये उक्त कम्पनी के पाॅलिसी का वार्षिक प्रीमियम को भरने हेतु लगातार फोन एवं व्हाॅट्सएप मैसेज किया जाने लगा। उक्त मोबाईल नम्बर के धारकों द्वारा प्रार्थी के साढ़ू को अपने झांसे में लेने हेतु बीमा कम्पनी की पाॅलिसी प्रीमियम की जानकारी इस ईमेल आईडी Futuregeneralilifeinsurance @protonmail-com का उपयोग करके भी प्रार्थी के साढ़ू से साझा की गई थी। जिस पर प्रार्थी के साढ़ू द्वारा अज्ञात मोबाईल नम्बर के धारको पर विश्वास कर दो बीमा पलिसी के प्रीमियम कुल रकम 16,00,000/- बैंक एकाउंट ट्रांसफर के माध्यम से दिए उक्त अज्ञात मोबाईल नम्बर के धारकों के बताये उनके खातें में ट्रांसफर किया गया। प्रार्थी के दूसरी पाॅलिसी के प्रीमियम के भुगतान पश्चात् अज्ञात मोबाईल नम्बर के धारकों द्वारा प्रार्थी को पुनः फोन किया और प्रार्थी के साढ़ू को कहा कि उसने राशि गलत खाते में ट्रांसफर कर दी है, और पुनः 7 लाख भेजने के लिए एक दूसरे खाता नम्बर दिया। उक्त कम्पनी के वास्तविक एजेंट नितिन अत्री ने प्रार्थी के साढ़ू के द्वारा किये भुगतान का विवरण अपने कम्पनी में चेक किया तो उसने बताया कि बीमा कंपनी का वास्तविक खाता नंबर और उसके द्वारा भुगतान किए गए बैंक खाते का विवरण अलग-अलग है। इस प्रकार प्रार्थी के साढ़ू को अज्ञात मोबाईल नम्बरों के धाराकों द्वारा बिमा कम्पनी का पाॅलिसी जमा करने के नाम पर 16,00,000/- रूपये की ठगी की गई थी। जिस पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी. नगर में अपराध क्रमांक 21/24 धारा 420 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
लाखों रूपये ठगी की घटना को एसपी संतोष सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम जय प्रकाश बढ़ई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श् पीताम्बर सिंह पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक पुरानी बस्ती राजेश चौधरी, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम दिनेश सिन्हा, थाना प्रभारी डी.डी.नगर तथा प्रभारी एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ करते हुए अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा जिन मोबाईल नंबरों से प्रार्थी के साढ़ू से मोबाईल फोन पर काॅल आया था, उन मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही प्रार्थी द्वारा जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किये गये थे उन बैंक खातों की भी जानकारी एकत्र कर आरोपियों को लोकेट करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी टीम को तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों को दिल्ली के मयूर विहार में लोकेट करने में सफलता प्राप्त हुई। जिस पर एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की संयुक्त टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा दिल्ली पहुंच कर लगातार कैम्प कर आरोपियों की पतासाजी की जा रही थी। इसी दौरान दिल्ली के मयूर विहार में कैम्प कर रही टीम को आरोपियों के मयूर विहार स्थित मकान में होने की जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा उक्त स्थान पर पहुंच कर मकान में रेड कार्यवाही की गई, रेड कार्यवाही के दौरान मकान में 01 व्यक्ति उपस्थित पाया गय मकान में काॅल सेंटर संचालित करना पाया गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम अरूण कुमार दुबे निवासी दिल्ली का होना बताया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर घटना के संबध्ंा में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपने अन्य साथी मध्यप्रदेश रीवा निवासी नितिन मिश्रा एवं ऋषभ द्विवेदी के साथ मिलकर फर्जी काॅल सेंटर का संचालन कर देश भर में लोगों को बीमा कम्पनी के पाॅलिसी जमा करने के नाम पर अपने झांसे में लेकर करोड़ों रूपये की ठगी करना बताया गया है।
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