अपने कुल देवता को प्रसन्न करने के चक्कर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की बलि चढ़ा दी। और इस तरह से अंधविश्वास के चलते एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। जब इस मंजर को उसके बेटे ने देखा तो उसे भी धमकी दी कि यहां से भाग, नहीं तो तेरी भी बलि चढ़ा दूंगा। मध्य प्रदेश में सिंगरौली के बसौड़ा गांव में अंधविश्वास के चलते एक पति बृजेश केवट ने अपनी पत्नी बिट्टी देवी की गला काट कर हत्या कर दी। असल में यह पूरा मामला अपने कुल देवता को प्रसन्न करने के चक्कर में हुआ लेकिन सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है इस पूरी वारदात का चश्मदीद गवाह और कोई नहीं बल्कि उसका खुद का बेटा है।
बेटे की मानें तो माता-पिता घर में कुल देवता की पूजा कर रहे थे और उसके बाद हम सब सो गए लेकिन रात में जैसे ही शोर-शराबा सुना तो बेटा बाहर निकला। वह माता-पिता के कमरे में गया जहां उसने माता-पिता को झगड़ते देखा। इस झगड़े में बीच-बचाव करने का बेटे ने प्रयास भी किया तो पिता ने बेटे से कहा कि तुम हट जाओ, नहीं तो तुम्हें भी मार दूंगा। बेटे ने बताया कि हमारे घर में बकरे की पुजाई (बलि) होती थी। जब मैं बाहर निकला तो अंदर से दरवाजा बंद कर दिया गया था। पिता ने हत्या करने के बाद मां का शव और उसकी गर्दन को मिट्टी के नीचे दबा भी दिया था। जब बेटा रोने लगा और चिल्लाया तो पड़ोसी आ गए। सब लोग बाहर आए तो पुलिस वालों को फोन किया। जैसे ही इस जघन्य हत्याकांड की खबर पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए. खुद जिले के एसपी वीरेंद्र प्रताप सिंह पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और तफ्तीश शुरू हुई। बारीकी से सबूतों की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस मान रही है कि यह पूरा जघन्य हत्याकांड अंधविश्वास के चलते हुआ है। (एजेंसी)
