रायपुर। छत्तीसगढ़ में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं देने तथा गरम भोजन प्रदान करने कल से आगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे। ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो कंटेनमेन्ट जोन में आते हों या जिन क्षेत्रों को जिला प्रशासन द्वारा बंद रखने का निर्णय लिया गया है वहां केन्द्र संचालित नहीं होंगे। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए शासन ने आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रारंभ करने के पहले आवश्यक सावधानियों के संबंध में सभी संभागीय आयुक्तो,कलेक्टरों और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में आंगनबाड़ियों में सेनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी खोलने के कदम की यूनिसेफ के राज्य प्रमुख जाॅब जकारिया ने भी ट्वीट कर सराहना की है। उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ जैसी अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों का मानना है कि कोविड-19 के कारण कुपोषण में बढ़ोत्तरी हो सकती है। अतः कुपोषण की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है।
कोविड-19 के कारण 14 मार्च 2020 से प्रदेश की आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद रखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा हितग्राहियों को घर पहुंचाकर सूखा राशन प्रदान किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में बच्चों में कुपोषण की दर 37 प्रतिशत रही है। अतः कुपोषण की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाने की आवश्यकता को देखते हुए आंगनवाड़ी केन्द्र सीमित समय के लिए खुलेंगे जिससे 3 से 6 वर्ष के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही स्वास्थ्य और पोषण दिवस के तहत बच्चों को टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं कोे स्वास्थ्य जांच की सेवाएं प्रदान की जा सकें। जिला कलेक्टरों द्वारा जिन आंगनबाड़ियों में गरम भोजन वितरण पर रोक लगाई जाएगी, वहां साप्ताहिक आधार पर रेडी टू ईट का वितरण सुनिश्चित करने कहा गया है।
