छत्तीसगढ़ प्रादेशिक मानव संसाधन विकास समिति के प्रदेश महासचिव श्री बिरेंदर सिंह के पिता स्वर्गीय श्री मंजीत सिंह जी का गत दिवस किडनी इन्फेक्शन,सांस लेने में तकलीफ के कारण देहांत हो गया, वे 72 वर्ष के थे,जिनका दाह संस्कार परिवारजनों और ग्राम जानो द्वारा दुखी हृदय से पवित्र अग्नि को सौंपकर किया गया,तदुप्रांत अस्थि विसर्जन पंडित दीपक महाराज द्वारा पिंड पूजन कर और अरदास कर शिवरीनारायण के पावन त्रिवेंदी संगम चित्रोत्तपला गंगा में किया गया ।श्री बिरेंदर सिंह ने बताया 1996 में रात्रि के समय अंडरग्राउंड खदान में पानी भरने से 13 लोग फस गए थे जिनमे झारखंड ,ओडिसा,छत्तीसगढ़, के श्रमिक थे,स्वर्गीय मंजीत सिंह जी ने अपनी जान और परिवार की परवाह न करते हुए पूरी बहादुरी से अपने कुछ सहयोगियों की सहायता से 12लोगों के जीवन की रक्षा की थी जिसके लिए उनके शौर्य उत्कृष्ट सेवा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया था,साथ ही कई अवसर पर अपने मोहल्ले में रहने वाले छत्तीसगढ़ ,ओडिशा प्रांत के लोगों समय पर अस्पताल पहुंचा कर जीवन की रक्षा की,सेवा निवृत होने के उपरांत 25 वर्ष से ज्यादा छत्तीसगढ़ में रहते हुए अपने मीठे स्वभाव के कारण आस पास के कई गांव के लोग तथा कॉयलरी के लोग उनका सदैव हृदय सम्मान करते थे, यहां भी कई बार गांव के लोगों को बिच्छू आदि द्वारा डंक मारने पर अपने वाहन से समय पर हस्पताल पहुंचाया । कड़े अनुशासन ,भलाई का मार्ग पर चलने वाले स्वर्गीय स्नेही पिता से बहुत कुछ हमने सीखा है और संस्कारों में अपनाया है,उनकी कमी हमेशा खलेगी,और ईश्वर उनके सत्कर्मो के लिए मोक्ष,सद्गति प्रदान करेंगे ऐसा प्रार्थना और विश्वास बिरेंदर सिंह ने ,मानव संसाधन विकास समिति के अध्यक्ष लॉ एस एन पटेल सहित समिति के सभी पदाधिकारियों,सुपुत्र रविंदर सिंह, सुपुत्र सुरेंदर सिंह प्राचार्य डी ए वी पब्लिक स्कूल ,समस्त सम्मानिय ग्रामजनो,सहयोगियों ने किया है।

