रायपर। संसद में पेश कृषि विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि यह किसान एवं कृषि को बर्बाद करने वाला काला कानून है। राज्य आंदोलकारी किसान मोर्चा के प्रदेश नेता अनिल दुबे, जीपी चन्द्राकर, दीनदयाल वर्मा, जागेश्वर प्रसाद, लालाराम वर्मा, अशोक ताम्रकार, चेतन देवांगन, महेंद्र कौशिक, गोवर्धन वर्मा, ईश्वर साहू, अशोक कश्यप, चन्द्रप्रकाश साहू ने कहा है कि मोदी सरकार की तीनों विधेयक से एक तरफ कृषि मंडी और समर्थन मूल्य को खत्म करने के लिए एक देश एक बाजार के नीति के द्वारा भाजपा सरकार किसानों की आजादी छीनकर कारपोरेट जगत को बाजार और खेती सौंपने जा रही है।इससे किसान कंगाल हो जाएगा। किसान मोर्चा का स्पष्ट मानना है जब केंद्र सरकार अपने द्वारा घोषित समर्थन मूल्य में अनाज की मंडी में बिक्री-खरीदी की गारंटी नहीं दे सकती और मंडी अधिनियम की कड़ाई से पालन नहीं करा सकती है तो फिर निजी मंडी और बाजार से किसानों को कैसे अनाज का लाभकारी कीमत दिला पाएगी? यह साफ तौर पर किसानी में सुधार लाने के बहाने किसानों को धोखा देने, कंगाल बनाने और कृषि को किसानों के हाथों से छिनने का षड्यंत्रकारी और किसान विरोधी नीति है। जिसे कानूनी दर्जा देने का जाल बिछा रही है। किसान मोर्चा इस विधेयक की कड़ी निंदा करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है। अन्यथा किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ भर में जन जागरण और जन आंदोलन कर मोदी सरकार की किसान और किसानी विरोधी नीति का गांव-गांव पर्दाफाश करेगा और भाजपा को छत्तीसगढ़ के एक भी ग्रामीण क्षेत्र में विजयश्री नहीं मिलने देंगे।
