राजनांदगांव। जागरूकता अभियान का ही असर है कि, गांव की गलियों से होते हुए एक खबर सामने आई। यह खबर थी-एक परिवार में दो जुड़वां बेटियों का जन्म हुआ था, लेकिन दोनों का वजन काफी कम था। यह पता लगते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनों ने फौरन शिशुओं के परिजन से मुलाकात की और सुपोषण के लिए उनका जतन भी शुरू कर दिया गया। समय बीतता गया और लगभग 2 साल बाद आज उन दोनों बच्चियों का वजन औसत अच्छा ही माना जा रहा है। वह दोनों अब हंस-खेल-मुस्कुरा रही हैं और अपना जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रही हैं। सुपोषण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और इसके सुखद परिणाम भी सामने आ रहे हैं। इसी बीच एक अच्छी खबर राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र की है। हालांकि, इस कहानी की शुरुआत लगभग दो साल पहले हुई थी, लेकिन यह विषय प्रेरणादायक अभी भी है। मानपुर सेक्टर अंतर्गत ग्राम मानपुर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 के हितग्राही कु. तेजल व कु. तेजस्वी एक वर्ष 11 माह की जुड़वां बहनें हैं। उनका जन्म 13 अक्टूबर 2018 को हुआ था। माता वैजंती व पिता वीरेंद्र कुमार इन दोनों बच्चियों के माता-पिता हैं। वैजंती ने बताया, दोनों बच्चियों का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर में हुआ था। जन्म के समय उनका वजन 1.2 किलो था और दोनों बहुत कमजोर दिखाई पड़ रहीं थीं। इस बीच प्राथमिक उपचार के बाद समुचित उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने उन्हें रायपुर रेफर कर दिया। एक सप्ताह तक रायपुर में उपचार हुआ। यहां उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ और इलाज के बाद वापस आने पर सेक्टर पर्यवेक्षक व कार्यकर्ता सावित्री कचलाने ने गृहभेंट कर खान-पान, स्तनपान व स्वच्छता की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद पिछले पोषण माह में दोनों का वजन बढ़कर क्रमश: 7.6 किलो व 7.5 किलो हो गया। वहीं, सावित्री कचलाने समय-समय पर पोषण चौपाल व गृहभेंट के माध्यम से पोषण के लिए समझाइश देती रहीं। उन्होंने घर व सुपोषण वाटिका में उपलब्ध स्थानीय साग-सब्जी, फल व अनाज के सेवन का महत्व बताया तथा बच्चों के पूरक आहार में इन्हें शामिल भी कराया। सावित्री ने बताया, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत तेजल व तेजस्वी को उचित मात्रा में अंडे भी खिलाए गए। साथ ही रेडी टू ईट प्रदाय कर बच्चों को इसका नियमित सेवन कराने के लिए प्रेरित किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप परिजन ने तेजल व तेजस्वी के स्वास्थ्य में काफी सुधार पाया। बच्चियों के पिता वीरेंद्र कुमार ने बताया, अब दोनों बेटियों का वजन लगभग 9.5 किलो है और दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं। हम सब 13 अक्टूबर को तेजल व तेजस्वी का जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा, तेजल व तेजस्वी को कुपोषण से मुक्त कराने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सावित्री समेत परिजन की भी भूमिका निसंदेह प्रशंसा के योग्य है। उनका कहना है-सही समय पर उचित देखभाल करने से कुपोषण से जंग जीतना आसान हो जाता है। सुपोषण के प्रति जन-जागरूकता के लिए जिले में लगातार विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं। पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनें गर्भवती व धात्री महिलाओं को बच्चों के पोषण के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रेरित कर रही हैं। वर्तमान में कृमि मुक्ति दिवस के अंतर्गत जिले भर में बच्चों को अल्बेंडाजॉल की गोलियां खिलाई जा रही हैं।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version