रायपुर। राज्य आंदोलनकारी छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी छसपा के अध्यक्ष एवं प्रदेश किसान नेता अनिल दुबे ने कहा है कि कृषि पर लगातार तीन कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी ? किसानों की कमर टूटी हुई है। देश की आर्थिक स्थिति चिंताजनक है। शोषकों का व्यापार टूट गया है। केवल कृषि एक बड़़ा क्षेत्र बचा था जिसके लाभ की संभावना प्रचुर मात्रा में है। आज 45 रुपए किलो में चावल, 50 रुपए किलो में गेहूं, 80 रुपए किलो में दाल नसीब हो रहा है जो बढ़कर 150 रुपए किलो चावल, 200 रुपए किलो गेहूं, 300 रुपए किलो दाल बाजार में बिकने लगेगा। ये है भारत की तरक्की मोदी जी का आधुनिक भारत और जिसके अड़तिया होंगे अडानी, अंबानी, जिंदल, अग्रवाल, जैन। समय रहते किसानों के साथ ही साथ आम जनता को भी जागना होगा। नहीं तो तैयार रहें सैकड़ों रुपये किलो में अनाज खरीदने के लिए।
