अमलेश्वर (पाटन)। आज आधुनिकीकरण एवं शहरीकरण के कारण से हमारे आसपास सड़कों की चौड़ीकरण व नीत नए-नए निर्माण कार्य कराए जाने के कारण से हमारे पूर्व में प्राकृतिक ढंग से जगे हुए या अन्य किसी पर्यावरण प्रेमी के द्वारा लगाए गए पौधे जो कि वर्तमान समय में बड़ी होकर वृक्ष बन चुका होता है जिसको काटना बेहद दुखदाई होता है। क्योंकि पेड़ बनने के लिए पौधे को 5 से 10 वर्ष लग ही जाता है और जो व्यक्ति पौधे लगाए रहते हैं वह पौधे का एक परिवार की सदस्य की भाँति देखरेख कर बड़े कियेे होते हैं, जो बड़े होकर हमारे आसपास की हवा व पर्यावरण चक्र को भी स्वच्छ सुरक्षित कर हम सभी जीव जंतुओं को भी शारीरिक रूप से स्वस्थ बने रहने में मदद करती है। उक्त बातें छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ.अश्विनी साहू ने कही। हुआ यंू कि ग्राम अमलेशवर डीह में नवीन पानी टंकी का निर्माण किया जा रहा है जो कि कार्य अब पूर्णता: की ओर है। वहीं पर पास में बरगद और पीपल के वृक्ष पूर्व में लगाए गए थे जो कि 10 फीट ऊंचाई का हो गया था जिसे पर्यावरण मित्र समिति द्वारा ही लगाया गया था, चूंकि बरगद और पीपल का पौधा बहुत बड़ा होता है जो कि पानी टंकी को भविष्य में नुकसान पहुंचा सकता था। जिसे देखते हुये आज ग्राम पंचायत अमलेश्वर के सरपंच नंदिनी पठारी व पंचों के सहयोग से उक्त दोनों पौधो को पोकलेन के माध्यम से सुरक्षित निकालकर सोसाइटी परिसर के मैदान में सुरक्षित लगाकर संरक्षित किया गया। उक्त कार्य में जीतू चक्र धारी, इतवारी साहू, जयप्रकाश साहू एवं पर्यावरण मित्र समिति के अध्यक्ष डॉ अश्वनी साहू सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
