राजनांदगांव। गर्भवती और धात्री महिलाओं को स्वच्छता और सुपोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी कार्यकतार्ओं-सहायिकाओं और मितानिनों ने ग्राम कलकसा और भाठापारा में गृह भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करते हुए स्वच्छता रखने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को कुपोषण को दूर करने के लिए पूरा पोषण पूरा प्यार.हर बच्चे का है अधिकार नारा भी दिया। साथी ही उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि हाथों को कब और कैसे धोना चाहिए। शिशुवती माताओं को हाथ कब और कैसे धोना चाहिए, इसके बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मोना निषाद ने जागरूक किया। उन्होंने बताया, स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है, क्योंकि स्वच्छ जीवन शैली एवं संतुलित आहार ही कुपोषण और बीमारियों से बचाता है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए बताया, वह अपने बच्चों को हाथ धो कर खाना खिलाने की आदत डालें, जिससे दस्त एवं निमोनिया जैसी बीमारियों से बच्चों को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया, पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाना, माताओं को बच्चों की देखभाल में सक्षम बनाना, किशोरियों व महिलाओं में एनीमिया की दर में कमी लाना तथा बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव करके शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया, महिलाओं और बच्चों में सुपोषण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं और शिशुओं का स्वास्थ्य जांचकर पोषण के लिए उन्हें सजग किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 6 माह से ज्यादा उम्र के बच्चों की देखभाल या स्तनपान के साथ ही छोटे बच्चों के पूरक आहार के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
बताए, हाथ धोने के तरीके
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरिता कोर्राम ने बच्चों एवं महिलाओं को हाथ धोने के 6 तरीके जैसे-उंगली, उल्टा, सीधा, मु_ी, नाखून, कलाई के तरीके करके दिखाया और साथ ही बच्चों से भी करवाया। उन्होंने यह भी बताया कि हाथ धोने के बाद किसी भी कपड़े से हाथ को नहीं पोछना है। हाथ को ऐसे ही ऊपर करके सुखाना है।
अस्वच्छता ही बीमारियों की जड़
मंजू धनकर ने बतायाए बच्चों को खाना खिलाने के पहले, खाना बनाने के पहले तथा शौच के बाद हाथ साबुन से अवश्य धोने चाहिएए क्योंकि बीमारियां कहीं न कहीं गंदगी के कारण होती हैं, जिससे बच्चों को कई बीमारियां खासतौर से दस्त बीमारी हो जाती है। इसके लिए सभी को व्यक्तिगत साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने माताओं को बच्चे के खान-पान के बारे में भी बताया।
हाथ धोने के बाद हाथ कपड़े से ना पोछें, जानियें क्यों…?
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