0 रजिस्ट्री में आना-कानी के बाद हुआ खुलासा
राजनांदगांव। फर्जी तरीके से किसी और कि जमीन को खुद की बताकर अग्रिम राशि वसूले जाने का एक मामला प्रकाश में आया है। एक लाख रुपये की राशि बयाना स्वरूप देने के बाद खरीदार को यह पता चला कि उक्त जमीन उस व्यक्ति की है ही नहीं, जिससे खरीदने का सौदा हुआ है। रुपये वापस मांगने पर दिया गया चेक भी फर्जी निकला। पीडि़त द्वारा इस बात की शिकायत फर्जी विक्रेता से करने पर वह मारपीट और गाली-गलौच पर उतर आया। अंतत: पीडि़त ने उक्त मामले की शिकायत बसंतपुर थाने में कर दी है। मिली जानकारी के आधार पर पीडि़त मनोज कुमार पिता चमन कुमार जैन निवासी गंज लाइन वार्ड नंबर 26 ने अपनी लिखित शिकायत में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुश्री रूचि वर्मा को बताया कि जमीन खरीदी के लिए दी गयी अग्रिम राशि धोखाधड़ी करते हुए ली गयी है।
आरोपी परवेज गोरी पिता रूस्तम गोरी (25 वर्ष) निवासी इंदिरा नगर वार्ड नंबर 41 पीडि़त की शासकीय राशन दुकान ग्राम हल्दी आया और कहा कि उसके स्वामित्व की एक कृषि जमीन ग्राम सिंघोला में है। 1 जुलाई को उसने उक्त जमीन पंकज साहू तथा द्वारिका साहू की उपस्थिति में उसे दिखाया, उसके द्वारा यह भी बताया गया कि यह भूमि पटवारी हल्का नंबर 48 के अंतर्गत आती है। इसके वाद उसी दिन खसरा नंबर 111/28 रकबा 1635 वर्ग फीट के लिए 100000 रुपये अग्रिम की मांग की। कुल सौदा 5 लाख 75 हजार में तय हुआ। पीडि़त द्वारा 80000 रुपये नगद तथा 20 हजार रुपये का चेक पंजाब नेशनल बैंक का दिया गया। आरोपी परवेज ने कहा कि 30 सितंबर को उस जमीन की रजिस्ट्री करा देगा। 4 लाख 75 हजार रुपये शेष रकम उसी दिन अर्थात 30 सितंबर को देने की बात भी तय की गई। 29 सितंबर को पीडि़त उसके घर गया और अगले दिन रजिस्ट्री की बात की। इस पर आरोपी परवेज ने पुन: 25 हजार रुपए की माँग की।
इस पर मनोज जैन ने कहा कि पहले जमीन के दस्तावेज दिखाओ। इस बात पर परवेज नाराज हो गया और बोला कि मुझ पर विश्वास नहीं तो अपना बयाना वापस ले लो और 100000 रुपये का बंधन बैंक का चेक हस्ताक्षर कर दे दिया। 30 सितंबर को चेक बैंक में लगाये जाने पर बैंक द्वारा हस्ताक्षर फर्जी है कहकर चेक को अनादृत कर दिया गया। जब इस बात को मनोज ने परवेज से कहा तो वह गाली-गलौच पर उतर आया। अंतत: पीडि़त मनोज द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सहित थाने में शिकायत दर्ज करा दी गयी है। प्रार्थी के अधिवक्ता रवि बोधनी ने बताया कि रकम वापसी के लिए अनावेदक ने 10 दिन का समय लिखित में मांगा है रकम न मिलने पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
