कवर्धा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका व मितानिनों की मदद से स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले भर में घर-घर जाकर कोविड-19 के संभावित लक्षण वाले लोगों की जांच कर पहचान कर रही है। सर्वे के दौरान कुपोषण के साथ ही डेंगू, मलेरिया और पीलिया से ग्रसित लोगों को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है, ताकि समय पर उनका भी समुचित उपचार किया जा सके। सर्वे टीम के माध्यम से जिला प्रशासन की ओर से लगातार यह अपील भी की जा रही है कि, कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मॉस्क का उपयोग व विशेषकर सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी का पालन जरूर करें। यह बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए यह एहतियात सभी जिलेवासी अनिवार्य रूप से बरतें। इस तरह सावधानी बरतने से बीमारी के संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित किया जा सकता है। सर्वेक्षण कार्य में लगी टीमों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि, वह खुद भी एहतियात बरतें और मॉस्क लगाने, शारीरिक दूरी का पालन करने तथा बार-बार साबुन से हाथ धोने के लिए लोगों को भी प्रेरित करें। इन्हीं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कवर्धा जिले की सभी ग्राम पंचायतों, नगर पंचायत व नगर पालिका क्षेत्र में घर-घर पहुंचकर सर्वे किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग कवर्धा के जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद तिवारी ने बताया, सर्वे कार्य के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व मितानिनों को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जो घर-घर जाकर कोविड-19 रोग का सर्वे कर रहीं हैं। इसके साथ-साथ कुपोषण, डेंगू, मलेरिया और पीलिया के लक्षणों की भी जानकारी ली जा रही है। जिले में इन दिनों लगभग 1600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वे कर रहीं हैं। सर्वे कार्य जिले में 12 अक्टूबर तक चलेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अमृता ठाकुर ने बताया कि प्रपत्र व टेलीसीट को भर कर वह रोज अपनी रिपोर्ट संबंधित चिकित्साधिकारी को देती हैं। सर्वे के दौरान इनके द्वारा भ्रमण किए गए घरों की संख्या, परिवार के सदस्यों की संख्या, घर में लक्षण युक्त लोगों की संख्या व लंबी बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या का पूरा ब्योरा दर्ज किया जा रहा है। वहीं सीएमएचओ कवर्धा डा. एस.के. मंडल ने बताया, जिले के गांव-गांव में 2 अक्टूबर से कोरोना सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान किसी में कोरोना के लक्षण पाए जाने की स्थिति में संबंधित का त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा कोरोना के संबंध में जनजागरूकता के लिए भी जिले में सतत विभिन्न आयोजन किए जा रहे हैं।
