बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए जारी भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में किए गए एक वादे पर सियासत शुरू हो गई है। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कहा है कि राज्य में सरकार बनने के बाद हर बिहारी को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इस पर कांग्रेस का कहना है कि भाजपा बिहारियों का मजाक बना रही है। वहीं राजद ने कहा है कि भाजपा बीमारी और मौत का भय बेच रही है। इस वादे पर उठ रहे सवालों पर भाजपा नेता और पार्टी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा, हमने बिहार चुनाव के लिए अपने घोषणा पत्र में प्रदेशवासियों के लिए फ्री कोरोना टीका देने का वादा किया है। केंद्र न्यूनतम मूल्य पर टीका उपलब्ध करवाता है। हमने वादा किया है कि अगर बिहार में हमारी सरकार बनी तो हम जनता को इस टीके को मुफ्त में लगवाएंगे। सार्वजनिक स्वास्थ्व की बात आती है तो राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। हम अपना वादा पूरा करेंगे। उन्होंने आगे कहा, हर राजनीतिक दल घोषणा पत्र के साथ चुनावी मैदान में उतरता है। कोई रोजगार की बात करता है, कोई कृषि ऋण माफी की बात करता है और कोई पक्के घरों की बात करता है। अगर हम किसी सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के साथ जा रहे हैं तो विपक्ष परेशान क्यों है? वहीं इस पूरे मालमे पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि भाजपा वाले बिहारियों का मजाक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के संकट के समय राज्य के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने कहा कि वे बिहारियों को राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोरोना के टीका में संभवत: एक साल का वक्त लगेगा। कोविड-19 के कारण 1000 बिहारियों की मौत हुई। क्या केंद्रीय मंत्रियों को इस बात की चिंता है? सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा वाले बिहारियों का मजाक बना रहे हैं। वहीं इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने भी भाजपा को घेरा है। राजद का कहना है कि भाजपा लोगों को बीमारी और मौत का भय बेच रही है। पार्टी ने कहा, ‘कोरोना का टीका देश का है, भाजपा का नहीं! टीका का राजनीतिक इस्तेमाल दिखाता है कि इनके पास बीमारी और मौत का भय बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है! बिहारी स्वाभिमानी हैं, चंद पैसों में अपने बच्चों का भविष्य नहीं बेचते!
