रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संविधान के अनुच्छेद 275 एक के अनुपालन में राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक समिति द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कार्यरत प्रदेश भर के 125 अतिथि शिक्षक के पक्ष में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा जनहित याचिका में एकल खंडपीठ के जस्टिस गौतम भादुरी के द्वारा न्यायिक सुनवाई मे कहा है कि प्रदेशभर एकलव्य स्कूलों में कार्यरत याचिकाकर्ता अतिथि शिक्षकों को बार-बार नियुक्ति एवं पदच्युत ना किया जाए जब तक दीर्घकालिक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति ना हो जाए एवं शासन द्वारा वर्तमान निर्धारित मानदेय की पात्रता भी प्रदान की जाती है। उल्लेखनीय है की विभागीय सूचना क्र. 4406 दिनांक 21.09.2020 के माध्यम से 452 अतिथि शिक्षक की नई भर्ती हेतु विज्ञापन निकला गया है जो कार्यरत अतिथि शिक्षकों के साथ अन्याय है। ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में प्रदेश भर के एकलव्य स्कूलों में नियमित शिक्षकों के एक तिहाई से अधिक पद रिक्त है ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा केवल 2016-17 से अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही एकलव्य स्कूलों का संचालन किया जा रहा है जिससे अतिथि शिक्षकों द्वारा पूरे समर्पण निष्ठा ईमानदारी कर्तव्य बोध एवं अपनी रचनात्मक से अनुसूचित क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा एवं अन्य साले गतिविधियों में फर्श से अर्श तक का सफर तय करवाया है इस अभिनव प्रयास के बदौलत इन स्कूलों के बच्चों ने पिछले सत्र में राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल का छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। ऐसी स्थिति में शासन द्वारा इन अतिथि शिक्षकों को बार-बार नौकरी से निकालना और नवीन नियुक्ति करना निश्चित तौर से शिक्षकों के मानसिक और आर्थिक शोषण करना है। उल्लेखनीय है माननीय मुख्यमंत्री एवँ कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हमारे संघर्ष के दिनों में हमारे मंच पर आये और उनकी सरकार बनने पर 10 दिवस में नियमित करने का वादा किया था तथा हमारी मांगों को कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने का वादा किया। इसी प्रकार दिनांक 14.02.2019 को आयोजित कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस वर्ष किसानों के लिए है आगामी वर्ष कर्मचारियों का होगा के वचन से हम काफी आशान्वित है। परन्तु अनियमित कर्मचारियों की छटनी ने हमारी कमर तोड़ दी है, छटनी से अनियमित साथियों में असुरक्षा, भय, असंतोष व्याप्त है। महासंघ आपके माध्यम से मांग करता है कि कार्यरत अतिथि शिक्षकों को न निकला जाये। अनियमित संगठन अपनी नियमितीकरण एवं छटनी न करने की मांग सहित 5 सूत्रीय मांग को सरकार के समक्ष मजबूती से रखने हेतु आगामी महीनों में 70 से अधिक अनियमित संगठनों से समग्र समन्वय स्थापित कर अपने अनियमित आन्दोलन को तेज करेगा।
