रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ न सिर्फ धान का कटोरा है, बल्कि देश की ऊर्जा और औद्योगिक ज़रूरतों की रीढ़ भी है। उन्होंने राज्य के खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ स्थानीय युवाओं को रोज़गार, क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय हित को केंद्र में रखने की बात कही।

वे हैदराबाद में आयोजित कोयला एवं खान मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में केंद्रीय कोयला मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बंद खदानों की सुरक्षा व पुनः उपयोग पर जोर
बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की परित्यक्त खदानों को जन-जीवन के लिए खतरा बताया और सरकार से इन बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई की मांग की कि बंद खदानों की घेराबंदी कर उन्हें फ्लाई ऐश और ओवरबर्डन से भरा जाए। एनटीपीसी संयंत्रों से निकलने वाले फ्लाई ऐश को एसईसीएल की बंद खदानों में भरने के लिए एनओसी तत्काल जारी की जाए। फ्लाई ऐश से भरी जमीन को कृषि के लिए किसानों को लीज पर दिया जाए। दुर्ग के धमदा में हाल ही में हुई खदान दुर्घटना को उदाहरण देते हुए, उन्होंने इस उपेक्षा को जानलेवा बताया।

खनिज चोरी और निगरानी पर चिंता
सांसद अग्रवाल ने कोयला चोरी को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सुझाव दिया कि हर खदान में डाटा निगरानी प्रणाली स्थापित की जाए। सभी वजन पुलों का संचालन किसी अधिकृत एजेंसी के अधीन हो। खनन क्षेत्रों में अनिवार्य वृक्षारोपण के साथ पर्यावरणीय संतुलन सुनिश्चित किया जाए।

खनन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत
उन्होंने सुझाव दिया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य की जाएं:
स्कूल, आईटीआई, कोचिंग सेंटर
अस्पताल और जल शोधन संयंत्र
CSR फंड से कोयला सलाहकार समिति के सदस्यों को सशक्त किया जाए, ताकि वे क्षेत्रीय विकास में सीधे भागीदार बन सकें

खनिज अन्वेषण में छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने की मांग

बैठक के दूसरे सत्र में उन्होंने कहा कि गरियाबंद के पायलीखंड और जशपुर के तुमला क्षेत्र में हीरे के समृद्ध भंडार हैं। राज्य में अलेक्जेंड्राइट, गार्नेट, बेरिल, क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट जैसे बहुमूल्य रत्नों के साथ लीथियम जैसे आधुनिक खनिज की भी भारी संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ में माइनिंग ब्यूरो की स्थापना की जाए। GSI (भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) और NMDC के क्षेत्रीय कार्यालय खोले जाएं

स्थानीय युवाओं को लाभ मिले, पर्यावरण भी बचे
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “राज्य की खनिज संपदा का उपयोग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, क्षेत्रीय समृद्धि और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए होना चाहिए — वो भी पर्यावरणीय संतुलन के साथ।”

बैठक में यह सहमति बनी कि बंद खदानों को सुरक्षित और पुनः उपयोग योग्य बनाने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाएगा। इसके लिए पत्र भेजा जाएगा और ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
Exit mobile version