मानसून सत्र के पहले दिन पहले ही सवाल पर सदन गरमा गया। विधायक राजेश मूणत के सवालों को राजस्व मंत्री जवाब नहीं दे पाए। विधायक मूणत ने राजस्व निरीक्षक पदोन्नति परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब तक कार्रवाई ना किए जाने को लेकर सवाल किया। विधायक मूणत ने मंत्री से पूछा कि जांच समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई के लिए अब किसका इंतजार किया जा रहा है। अब तक घपलेबाजों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

विधायक राजेश मूणत ने कहा कि चलिए मंत्री से छोटे-छोटे सवाल करते हैं, पर जवाब स्पष्ट और साफ आना चाहिए। इतना कहने के साथ ही विधायक मूणत ने सवाल दागना शुरू किया। उनकी तरफ से पहला सवाल आया आरआई की परीक्षा हुई थी क्या, कुल कितने अभ्यार्थियों ने परीक्षा दी व नियम क्या था। मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब देना शुरू किया। वे बोले आरआई की परीक्षा विधानसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले शुरू हुई थी। फरवरी 2024 में परीक्षा परिणाम आया। परिणाम आने के बाद शिकायतों का सिलसिला प्रारंभ हुआ। इसके लिए पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था। जांच दल ने गड़बड़ी पाई थी।

मंत्री ने गड़बड़ियों को किया साफ-
मंत्री ने सदन को बताया कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि परीक्षा हाल में भाई-भाई को एक जगह,रिश्तेदारों को साथ -साथ बैठाकर परीक्षा दिलाई गई। मंत्री ने सदन को बताया कि शिकायतकर्ताओं ने वाट्सएप चेटिंग और काल डिटेल सहित अन्य इलेक्ट्रानिक साक्ष्य पेश करते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की थी। इस जांच के लिए हमने गृह विभाग को पत्र लिखा। गृह विभाग ने जांच से इंकार करते हुए पहले एफआईआर दर्ज कराने और जांच करने की बात कही। राजस्व विभाग को जांच के लिए सक्षम बताया।

EOW को सौंपा है जांच का जिम्मा-
राजस्व मंत्री ने सदन को बताया कि गड़बड़ी की जांच के लिए ईओडब्ल्यू को मामला सौंप दिया है। मंत्री ने यह भी बताया कि ईओडब्ल्यू ने 40 बिंदुओं पर जांच प्रारंभ कर दी है। विभाग ने अफसरों से जांच और पूछताछ के लिए अनुमति भी दे दी है। मंत्री ने विधायक मूणत के साथ ही सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि फर्जीवाड़े में जिनकी संलिप्तता सामने आएगी सभी जेल जाएंगे। हमारी मंशा साफ है कि घोटालेबाज बचना नहीं चाहिए। भारत माला परियोजना की तरह एक-एक बिंदुओं पर गहन जांच हो और दोषी सामने आए।

मूणत के इस सवाल का मंत्री नहीं दे पाए जवाब-
मंत्री के इस जवाब के बाद विधायक मूणत ने कहा कि जांच रिपोर्ट में जब साफ हो गया कि गड़बड़ी की है। आंसरशीट में मोबाइल नंबर भी लिखा पाया गया है। रिपोर्ट में सब साफ है, इसके बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। कमेटी के रिपोर्ट के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मूणत ने कहा कि जांच कमेटी में सचिव स्तर के अफसर थे, उनकी रिपोर्ट है। यह कहते हुए मूणत ने जांच कमेटी में शामिल अफसरों के नाम भी सदन के सामने रख दिया। केडी कुंजाम विशेष सचिव, फरिहा आलम,अजय त्रिपाठी, अंशिका ऋषि पांडेय, ये जांच अधिकारी सचिव स्तर के हैं। इसके बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। विधायक के इस सवाल पर मंत्री चुप्पी साध गए। कोई जवाब देते नहीं बना।

मूणत के इस आरोप पर सदन में जमकर हुआ हंगामा-
विधायक मूणत ने कहा कि पीएससी घोटाला, पटवारी घोटाला,आरआई पदोन्नति परीक्षा ये सब पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की देन है। मूणत के आरोप पर हस्तक्षेप करते हुए पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि जनवरी 2024 में आरआई की परीक्षा ली गई, विधायक आरोप लगा रहे हैं कि परीक्षा कांग्रेस शासनकाल में हुई। परीक्षा कब हुई आप बताए। मंत्री ने कहा कि जनवरी में परीक्षा हुई। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि आपके सरकार में परीक्षा हुई आरोप हम पर लगा रहे हैं। कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर जमकर नारेबाजी की।

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