शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी जापान से चीन के तियानजिन शहर पहु्ंचे. जहां एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया.

जापान की यात्रा पूरी करने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंच गए हैं. अब से कुछ देर पहले पीएम मोदी चीन के तियानजिन शहर पहुंचे. जहां एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. पीएम मोदी 7 साल बाद चीन के दौरे पर पहुंचे हैं. पीएम मोदी चीन में SCO समिट में भाग लेंगे. साथ ही वो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी के तियानजिन पहुंचने पर उनके स्वागत का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें चीन के कई वरिष्ठ डिप्लोमेट पीएम मोदी के स्वागत के लिए नजर आ रहे हैं.

एयरपोर्ट पर रेड कारपेट बिछाकर पीएम मोदी का स्वागत

चीन के तियानजिन शहर में पीएम मोदी का प्लेन लैंड होने पर रेड कारपेट बिछाकर भव्य स्वागत हुआ. पीएम मोदी के स्वागत में चीन की कई महिला कलाकार नृत्य करती नजर आ रही हैं. चीन पहुंचने पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा. चीनी में लिखे पीएम मोदी के इस पोस्ट में लिखा गया- शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के नेताओं के साथ गहन चर्चा और बैठकों की प्रतीक्षा में चीन के तियानजिन में पहुंचा.

मालूम हो कि इससे पहले मोदी और शी जिनपिंग 2024 में रूस के कजान और 2023 में दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आयोजित में ब्रिक्स सम्मेलन मुलाकात कर चुके हैं. बीते हफ्ते ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी सीमा मामलों के विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं बैठक में शामिल होने भारत दौरे पर आए थे.

पीएम मोदी की चीन दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीतियों से जूझ रही है. ट्रम्प ने भारत पर 50 फीसदी तो चीन पर 30 फीसदी टैरिफ लगाया है.
चीन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक SCO समिट की बैठक होने वाली है. इसमें 20 से ज्यादा देशों के नेता शामिल होंगे.

भारत-जापान शिखर वार्ता के बाद चीन पहुंचे हैं पीएम मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में शुक्रवार को अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ 15वीं भारत-जापान शिखर वार्ता में शिरकत की थी, जिसका मकसद दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना था.

पीएम मोदी ने कहा, “भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है. हमारी अध्यक्षता के दौरान हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में नए विचार प्रस्तुत किए हैं. भारत एससीओ के सदस्य देशों के साथ साझा चुनौतियों का समाधान करने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.”

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि जापान और चीन की मेरी यात्राएं हमारे राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहायक होंगी और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास में सहयोग को बढ़ावा देंगी.”

SCO क्या है? कौन-कौन देश हैं इसके सदस्य

एससीओ एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना 15 जून 2001 को शंघाई में हुई थी. इसके सदस्य देशों में चीन, रूस, भारत, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं.

एससीओ के दो पर्यवेक्षक अफगानिस्तान और मंगोलिया हैं, जबकि इसके 14 संवाद साझेदार देश हैं, जिनमें तुर्की, कुवैत, अजरबैजान, आर्मेनिया, कंबोडिया और नेपाल शामिल हैं. श्रीलंका, सऊदी अरब, मिस्र, कतर, बहरीन, मालदीव, म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात भी एससीओ के संवाद साझेदार हैं.

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