मुंबई:
मुंबई में गणेशोत्सव का शनिवार को सबसे बड़ा दिन यानी अनंत चतुर्दशी है. हर साल ये दिन भक्तों का उत्साह और प्रशासन की परीक्षा लेकर आती है. लाखों लोग सड़कों पर उतरकर अपने बप्पा को विदाई देने के लिए निकलते हैं. इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक मैनेजमेंट की होती है. सड़कों पर उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ और शोभायात्राओं के कारण मुंबई की रफ्तार थम जाती है. ऐसे में इस साल मुंबई पुलिस ने ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए पहले से कहीं ज्यादा सख्त और संगठित तैयारी की है.
हजारों पुलिसकर्मी संभालेंगे ट्रैफिक व्यवस्था
जॉइंट कमिश्नर ट्रैफिक अनिल कुंभार ने बताया कि विसर्जन के दिन हजारों पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटे रहेंगे. 4 डीसीपी, 8 एसीपी, 60 पीआई, 179 एपीआई और पीएसआई के साथ करीब 2,826 ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात किए जाएंगे. इसके अलावा, महाराष्ट्र सिक्योरिटी फोर्स के 275 जवान और अनिरुद्धा बापू की एनजीओ के 340 स्वयंसेवक भी पुलिस की मदद करेंगे. यह बड़ा फोर्स इसलिए लगाया गया है ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाम की स्थिति से निपटा जा सके और भक्तों की आवाजाही सुचारू रहे.
ट्रैफिक डायवर्जन का रखा जाएगा खास ध्यान
पुलिस ने इस बार ट्रैफिक डायवर्जन पर विशेष ध्यान दिया है. कई प्रमुख मार्गों पर भारी गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाई गई है. 12 रोड ओवरब्रिज की खराब स्थिति को देखते हुए वहां बड़ी गाड़ियां नहीं जा पाएंगी और भक्तों को रुकने या अधिक समय तक ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसके अलावा अलग-अलग विसर्जन मार्गों पर 52 वॉच टावर बनाए गए हैं, जिनसे ट्रैफिक को लगातार मॉनिटर किया जाएगा. सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि अगर किसी जुलूस या शोभायात्रा के बीच कोई गाड़ी खराब हो जाए तो पूरा रास्ता घंटों तक जाम में बदल सकता है. इसे रोकने के लिए पुलिस ने 54 क्रेन शहरभर में तैनात की हैं ताकि खराब वाहनों को तुरंत हटाया जा सके.
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीक का भी लिया सहारा
मुंबई पुलिस ने ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा भी लिया है. एआई से लैस 10,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे और 50 से अधिक ड्रोन शहर के अलग-अलग विसर्जन पॉइंट्स पर तैनात होंगे. इनकी मदद से भीड़ और गाड़ियों की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक किया जाएगा. किसी भी हिस्से में जाम या अव्यवस्था होते ही कंट्रोल रूम से तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया जा सकेगा. इतना ही नहीं, 400 पेट्रोलिंग वाहन लगातार सड़कों पर गश्त करेंगे, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार कहीं भी ठहरने न पाए.

