रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष, राकेश साहू एवं जिलाध्यक्ष सुखीराम धृतलहरे ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के शासकीय एवं अशासकीय विभागों के कार्यरत कर्मचारी जिनकी सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो गई है, इसमें ऐसे परिवार के सदस्य भी शामिल है जिन कर्मचारियों की ड्यूटी करते हुए मृत्यु हुई है, निरंकुश अफसरशाही के चलते, शासन के आदेश के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति से वंचित है। पीडि़त परिवारों के सदस्य दर-दर की ठोकरें खाकर भूखे मरने पर मजबूर हैं। इसमें शिक्षक, लिपिक सहित सभी विभागों के एवं संवर्गों के मृतक कर्मचारियों के परिवार के सदस्य शामिल है, जो अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। मृतक कर्मचारियों के परिवार के सदस्य 2 अक्टूबर 2020 से लगातार उपवास एवं धरना देकर शासन का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं। परंतु 1 माह बाद भी निरंकुश अफसरों की कुंभकरण की नींद नहीं टूटी है।
वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 2018 विधानसभा चुनाव के पूर्व कर्मचारी भवन सप्रे शाला परिसर में आकर वादा किया था कि मृतक कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने सहित अन्य सभी मांगों पर सरकार निर्णय लेगी। परंतु इसके बाद भी, अनुकंपा नियुक्ति जो सबसे संवेदनशील विषय है, इसके लिए भी मृतक के परिवार के परिजन भटक रहे हैं, विशेष रूप से ऐसे कर्मचारी जिनकी ड्यूटी कोरोना के रूप में लगाई गई है। इसको लेकर कर्मचारी संगठन 8 नवंबर 2020 को कामरेड नरेंद्र सिंह चंद्राकर भवन,सप्रे साला प्रांगण में संगठन से जुड़े विभिन्न सहयोगी संगठनों के साथ अनुकंपा नियुक्ति के लिए जंगी प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष राकेश साहू, जिलाध्यक्ष सुखीराम धृतलहरे, महामंत्री प्रकाश शुक्ला, उपप्रांताध्यक्ष गजेश यदु, चंद्रशेखर तिवारी, अभिमन्यु वर्मा, पेंशनर संघ के उपाध्यक्ष सी एल साहू, कोटवार संघ के प्रांताध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ, जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रांताध्यक्ष पद्मावती साहू, संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष केदार जैन, गौसेवक संघ के प्रांताध्यक्ष सोमनाथ यादव, अखिल छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांताध्यक्ष जगत सिंह बैस, प्रवक्ता अनिल श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, अनुकंपा नियुक्ति संघर्ष समिति सी आई डी सी के भूपेंद्र साहू, देवीलाल शुक्ला, के के पांडेय, मोहम्मद जुनैद, विवेक चौहान, प्रेम नारायण साहू, जगजीत सिंह, देवेंद्र शर्मा, विजय विश्वकर्मा, आशीष जायसवाल, सूरज शर्मा, साकेत शर्मा एवं अन्य साथियों ने शासन से मांग की है कि मृतक कर्मचारीयों के परिवार के सदस्यों को निशर्त अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
