प्रदेश के सहकारी बैंकों के कर्मचारी गुरूवार को सामूहिक अवकाश पर रहे, जिससे सभी 73 शाखाओं में कामकाज ठप रहा। बैंक कर्मचारी संघ की मांग है कि उन्हे पिछले पांच वर्षों से लंबित वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। संघ ने बताया कि उच्च न्यायालय से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आने के बावजूद अब तक आदेश लागू नहीं किया गया हैं।
पहले चरण में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था, दूसरे चरण में एक घंटे का प्रदर्शन किया गया। गुरूवार को आंदोलन के तीसरे चरण में रायपुर, बलौदा बाजार, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के सभी शाखाओं में कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहे। संघ के अध्यक्ष मोहनलाल साहू और याचिकाकर्ता सुशील चंद्र सोनी ने कहा कि वेतन वृद्धि से सरकार पर कोई वित्तीय भार नहीं पड़ता, यह बैंकों के अपने लाभ से देय हैं। यदि मांगें नहीं मानी गई तो 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। आंदोलन से 15 नवंबर शुरू होने वाली धान खरीदी प्रभावित हो सकती हैं।

