भारतीय रूपये में शुक्रवार को लगभग 45 महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह पहली बार 89 डालर के स्तर को पार कर गया। व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं की वजह से घरेलू और ग्लोबल इक्विटी मार्केट से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय मुद्रा डालर के मुकाबले 98 पैसे गिरकर 89.66 के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर जाकर बंद हुई। भारतीय मुद्रा में भारी गिरावट की वजह प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर संशय के बादल और वेश्विक आइटी स्टाक की भारी बिकवाली को माना जा रहा हैं। इससे पहले भारतीय रूपये में डालर के मुकाबले 24 फरवरी 2022 को 99 पैसे की गिरावट हुई थी। विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रूपया 88.67 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 88.59 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 98 पैसे कम था।

