असम विधानसभा ने ‘असम प्रोहिबिशन ऑफ पॉलीगैमी बिल 2025’ को पास कर दिया है. अब राज्य में बहुविवाह यानी एक से ज्यादा शादी करने पर पूरी तरह रोक लग गई है. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बिल को पेश करते हुए विरोधियों को करारा जवाब दिया. उन्होंने साफ कहा कि यह बिल इस्लाम के खिलाफ नहीं है. बल्कि यह सच्चे मुसलमानों के हित में है. सीएम ने तर्क दिया कि इस्लाम कभी भी बहुविवाह को बढ़ावा नहीं देता. अगर यह बिल पास होता है तो लोगों को सच्चा मुसलमान बनने का मौका मिलेगा. उन्होंने तुर्किये और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण दिया. वहां भी ऐसे कड़े कानून मौजूद हैं. सरकार का मकसद राज्य से बहुविवाह की प्रथा को जड़ से खत्म करना है. सीएम ने सदन में अपनी बात दमदारी से रखी. उन्होंने कहा कि इस्लाम पॉलीगैमी को प्रमोट नहीं करता है. जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे गलत हैं. सच्चा इस्लामिक व्यक्ति इस एक्ट का स्वागत करेगा. सीएम ने कहा कि तुर्किये जैसे मुस्लिम देश ने भी बहुविवाह बैन कर रखा है. यहां तक कि पाकिस्तान में भी आर्बिट्रेशन काउंसिल है. असम में अब इस कुप्रथा के लिए कोई जगह नहीं है. यह कानून समाज में समानता लाने के लिए जरूरी था.
बहुविवाह पर रोक लगाने के बाद सीएम ने अगला बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने विधानसभा में वादा किया कि वे यूसीसी लाएंगे. हिमंता ने कहा कि अगर वे दोबारा सीएम बनकर लौटते हैं. तो वे विधानसभा के पहले ही सेशन में यूसीसी लेकर आएंगे. उन्होंने कमिटमेंट दिया कि वे असम में यूसीसी लागू करके रहेंगे.

