राजस्थान के झुंझुनूं जिले में हुई गैंगवार का खुलासा करते हुए पुलिस ने दोनों गैंग के 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सीकर जिले के ग्राम भादवासी में स्थित करीब 30 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को लेकर दो कुख्यात गैंगों के बीच हुई खूनी गैंगवार का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस गैंगवार में दो हिस्ट्रीशीटर बदमाशों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में जिला पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोनों गैंग के कुल 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
झुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर हिस्ट्रीशीटर रविंद्र कटेवा (0056 गैंग) और श्रवण भादवासी (1657 गैंग) के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी विवाद के चलते 12 दिसंबर को झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के खिरोड़ इलाके में दोनों गैंग आमने-सामने आ गए, जहां जमकर फायरिंग हुई।
सुपारी देकर रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रवण भादवासी गैंग ने जमीन पर कब्जा जमाने के लिए रविंद्र कटेवा की हत्या कराने की योजना बनाई थी। इसके लिए 50 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इसी साजिश के तहत श्रवण भादवासी गैंग के सक्रिय सदस्य हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी को उसके साथियों के साथ रविंद्र कटेवा को मारने भेजा गया था।
गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर सहित दो की हुई थी मौत
गैंगवार के दौरान हुई आपसी फायरिंग में श्रवण भादवासी गैंग के सक्रिय सदस्य व हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं, दूसरी ओर रविंद्र कटेवा गैंग के सक्रिय सदस्य सुनील सुंडा की भी फायरिंग में मौत हो गई।

