नई दिल्ली: दिल्ली सरकार BS-4 से नीचे की कैटिगरी वाली गाड़ियों के खिलाफ एक बार फिर अभियान शुरू करने जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा पॉल्यूशन लेवल कम होने के बाद ही अभियान शुरू होगा क्योंकि फिलहाल ज्यादातर एनफोर्समेंट टीमें ग्रैप-4 की पाबंदियों को लागू कराने में लगी हुई हैं।
अदालत के निर्देशों के बाद बंद हुई थी कार्रवाई
आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इस समय ऐसी करीब 38.97 लाख गाड़ियां मौजूद हैं। अदालत के निर्देशों के बाद बीते कुछ महीनों से इन गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई लगभग बंद थी। आंकड़े बताते हैं कि 1 अक्टूबर से 15 दिसंबर के बीच दिल्ली में ऐसी महज 2 से 3 गाड़ियों पर ही कार्रवाई हुई। हालांकि, हाल ही में कोर्ट ने राजधानी में बढ़ते पल्यूशन और उसमें गाड़ियों की भूमिका को देखते हुए दोबारा कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
इन गाड़ियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कोर्ट के संशोधित आदेश में साफ किया गया है कि व्यापक बैन से राहत सिर्फ BS-4 या उससे ऊपर के मानकों वाली गाड़ियों को मिलेगी यानी BS-3 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाली पुरानी गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 10 साल से ज्यादा पुरानी डीजल और 15 साल से ज्यादा पुरानी पेट्रोल गाड़ियों के ओनर्स को अंतरिम राहत दी थी। लेकिन पिछले हफ्ते यह राहत वापस ले ली गई।
ट्रांसपोर्टर्स असोसिएशन ने की मांग
उन्होंने बताया कि अधिकारियों को आदेश की बारीकियां समझने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद योजना बनाई जाएगी और उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स असोसिएशन ने 15 साल पुराने हवाई जहाजों को भी बंद करने की मांग की है। असोसिएशन ने गृह मंत्री अमित शाह, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को एक ज्ञापन भी सौंपा।

