रायपुर, आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले विषयों की संख्या में वृद्धि की गई हैं। यहां पिछले सत्र में कक्षा पहली से आठवीं तक कुल 131 विषयों की पाठ्यपुस्तकों को मुद्रण किया गया था, वहीं अब 138 विषयों की पुस्तकों के प्रकाशन का प्रस्ताव तैयार किया गया हैं। इस बदलाव के तहत विशेष रूप से कक्षा चार और कक्षा सात में नए विषय जोड़े गए हैं, जिससे विद्यार्थियों को अधिक विविधा, रचनात्मक और समग्र शैक्षणिक अनुभव मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अधिकारियों के अनुसार, पाठ्यपुस्तकों से जुड़े सभी निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रविधानों के अनुरूप लिए गए हैं। साथ ही इन पुस्तकों की विषयवस्तु और संरचना एनसीईआरटी के मानकों, राज्य शासन व एससीईआरटी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार की जा रही हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि विषयों की संख्या में वृद्धि से विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और व्यावहारिक ज्ञान का विकास होगा।
पाठ्यपुस्तको के प्रिंट की प्रक्रिया तेज: एससीईआरटी ने पाठ्यपुस्तकों के पुद्रण के लिए प्रस्ताव छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम को भेज दिया हैं। वहीं, निगम द्वारा पुस्तकों के प्रकाशन के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष लगभग 2.5 करोड़ पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन किया गया था, जिस पर 80 करोड़ रूपये से अधिक का व्यय हुआ था। इसके लिए नौ हजार मीट्रिक टन कागज की खरीदी की गई थी। इस वर्ष बढ़ी पुस्तकों की संख्या को देखते हुए 11 हजार मीट्रिक टन कागज खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई हैं, जिससे निगम पर लगभग 16 करोड़ रूपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

