क्या डोनाल्ड ट्रंप का घमंड उन पर हावी हो गया है? अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ही झटके में 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से यूएस को बाहर निकाल लिया है। इनमें से 31 संयुक्त राष्ट्र यानी यूएन से जुड़े हैं और 35 अलग हैं। अमेरिका ने अपने इस फैसले को यूएस फर्स्ट पॉलिसी का हिस्सा बताया है, लेकिन भारत के लिए ट्रंप का यह फैसला चौंकाने वाला है, क्योंकि इन 66 संगठनों में इंटरनेशनल सोलर अलायंस ( ISA ) भी शामिल है। वही, ISA जिसका नेतृत्व भारत कर रहा है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस का हेडक्वार्टर नई दिल्ली में ही है। 120 देश इसके सदस्य हैं, जिनमें ज्यादातर ग्लोबल साउथ के हैं। इस अंतरराष्ट्रीय संगठन के डायरेक्टर जनरल (DG) आशीष खन्ना हैं। अमेरिका के इस संगठन से बाहर निकलने पर अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या चीन अब इस ग्रुप में एंट्री करेगा? ऐसा इसलिए क्योंकि चीन पहले भी इस ग्रुप में शामिल होने को लेकर अपनी इच्छा जाहिर कर चुका है। भारत ने भी पहले ही साफ कर दिया है कि चीन के इस ग्रुप में शामिल होने से हमें कोई परेशानी नहीं है।
US की कमी पूरी करने के लिए कुछ करना होगा
इंटरनेशनल सोलर अलायंस में चीन के शामिल होने की अटकलें इसलिए भी तेज हो गई हैं, क्योंकि साल 2022 से लेकर साल 2025 तक अमेरिका ने ISA के डेवलपमेंट के लिए 2.1 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में बात की जाए तो करीब 18 करोड़ 87 लाख रुपए का योगदान दिया है। अब इतनी बड़ी कमी को पूरा करने के लिए इस समूह में किसी बड़े प्लेयर की जरूरत होगी और चीन बड़े आराम से अमेरिका के जाने से खाली हुई इस जगह को भर सकता है।

