रायपुर। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कई बच्चों के लिए संजीवनी साबित हुआ है। इन्हीं बच्चों में दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के आंगनबाड़ी कन्द्र खेदामारा 01 में दर्ज जुड़वा बच्चे जय और विजय भी शामिल हैं। जय और विजय का वजन जन्म के समय 1.600 किलोग्राम के होने से वे गंभीर कुपोषण के साथ पैदा हुए थे। इसके साथ मां का दूध बच्चों के लिए पर्याप्त न हो पाने से बच्चे दिन ब दिन कमजोर होते जा रहे थें। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर कुपोषण मुक्ति के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू होने का फायदा जुड़वा जय-विजय को मिला। अब जय का वजन 8.500 किलोग्राम और विजय का वजन 8.650 ग्राम हो गया है और बच्चे पूरी तरह कुपोषण मुक्त हो गए हैं। जय और विजय के कुपोषित होने के संबंध में जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, कार्यकर्ताओं और महिला समूहों ने सम्हाली। बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मीनू अनुसार भोजन के साथ अतिरिक्त आहार दिया गया। बच्चों के लिए रेडी टू ईट प्रदान किया गया। इसके साथ ही तिल मिलाकर रेडी टू ईट का फरा, दो दिन पौष्टिक खिचड़ी, अंकुरित अनाज, प्रतिदिन एक समय के खाने में तेल मिलाकर देने से बच्चों की सेहत में सुधार होने लगा। कार्यकर्ता श्रीमती संतोषी देवदास ने प्रतिदिन गृह भेंट कर बच्चों के खान-पान की जानकारी परिजनों से ली और उन्हें आवश्यक समझाईश देती रहीं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत बच्चों की जांच करवाकर प्रतिदिन कार्यकर्ता द्वारा बच्चों को दवा पिलाई गई। इसका असर बच्चों के शरीर में धीरे-धीरे दिखाई देने लगा। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के शुरू होने के समय अक्टूबर 19 मई में जय का वजन 7.100 किलाग्राम और विजय का वजन 7.200 किलोग्राम था। उचित देख-रेख से 6 महीनों में ही बच्चों का वजन 1.500 किलोग्राम बढ़ गया है। बच्चों के सुपोषित हो जाने से उनके माता-पिता बहुत खुश हैं और उन्होंने बच्चों की बेहतरी के लिए शुरू की गई योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल को धन्यवाद दिया है।

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