वर्ष 2025 में देश में बलात्कार के लगभग 26,337 केस दर्ज किए गए जबकि इनके अलावा और न जाने कितने ऐसे केस हुए होंगे जो दर्ज नहीं हुए। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जहां महिलाएं सुरक्षित हों। यहां तक कि शिक्षा संस्थान तथा पुलिस जैसे विभाग भी अब नारी उत्पीडऩ से बचे हुए नहीं हैं जो हाल ही में सामने आई निम्न 2 घटनाओं से स्पष्ट है :

पहली घटना धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में स्थित एक सरकारी कालेज की है जहां 3 छात्राओं द्वारा एक छात्रा के साथ गंभीर रूप से रैगिंग करने और इसी कालेज के एक प्रोफैसर द्वारा उसका यौन शोषण करने के कारण गत मास उसकी मौत के सिलसिले में मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। 

शिकायत में कहा गया है कि गत वर्ष 18 सितम्बर को उसकी बेटी को उक्त 3 छात्राओं ने बुरी तरह पीटा जबकि उस दौरान संबंधित प्रोफैसर पीड़ित छात्रा के साथ अश्लील काम करने में व्यस्त था। 
इस घटना से पीड़ित छात्रा के बुरी तरह सदमे में आ जाने के कारण उसकी सेहत तेजी से गिरती चली गई और कई अस्पतालों में उसका इलाज करवाने के बावजूद गत वर्ष 26 दिसम्बर को उसकी मौत हो गई। 
छात्रा के पिता का कहना है कि वह अपनी बेटी के गिरते स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक कारणों से शिकायत दर्ज नहीं करवा पाए। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश में एक बवाल सा मच गया। 
दूसरी घटना छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लाक की है जहां 27 दिसम्बर, 2025 को कोयला खनन परियोजना के विरुद्ध 14 गांवों के निवासियों के प्रदर्शन के हिंसक रूप धारण कर लेने के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल के कपड़े फाडऩे केअलावा अद्र्धनग्न कर उसे पीटा गया। इस घटना के संबंध में अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिंसा के दौरान महिला कांस्टेबल भीड़ के बीच एक खेत में अकेली रह गई जहां उस पर हमला किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह जमीन पर लेटी, रोती हुई और दया की भीख मांगती दिखाई दे रही है, 2 व्यक्ति उसके कपड़े फाड़ रहे हैं और प्रदर्शन स्थल पर उसकी मौजूदगी के बारे में उससे सवाल कर रहे हैं।

महिला कांस्टेबल लगातार हाथ जोड़ कर रोते हुए और बार-बार उनसे उसे जाने देने का अनुरोध करती रही और मिन्नतें करती रही कि ‘‘नहीं मारना भाई। मैं कुछ नहीं करूंगी। मैं किसी को नहीं मारी हूं भाई।’’  वीडियो में आरोपियों में से एक उसके फटे हुए कपड़े खींचते हुए दिखाई दे रहा है जबकि दूसरा वीडियो रिकार्ड कर रहा था। आरोपियों में से एक व्यक्ति सैंडिल पकड़ कर उसे धमका रहा था और उस पर चिल्ला रहा था। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक महिला पुलिस इंस्पैक्टर पर हमले का वीडियो वायरल हुआ था।

आखिर क्या कारण है कि भारत में इस तरह के मामलों का अदालतों में जल्दी फैसला नहीं हो पाता या सजा सुनाने में देरी हो रही है या दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी जा रही, इसलिए महिलाओं के विरुद्ध यौन आक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं? इसके पीछे एक कारण यह भी है कि हम न ही घरों में और न ही शिक्षा संस्थानों में बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखा रहे हैं। तो क्या अब किसी भी महिला की अस्मिता की, वह चाहे पुलिस में हो या किसी अन्य क्षेत्र में, रक्षा नहीं की जाएगी? हमारे देश में तो शुरू से ही अहिंसक ढंग से प्रदर्शन करने की परम्परा रही है। हमारे स्वतंत्रता संग्राम में भी यही सिद्धांत अपनाया गया था, तो अब यह प्रश्र उठना स्वाभाविक ही है कि आखिर समाज में इतनी हिंसा क्यों आती जा रही है? और पुलिस भी इसे रोकने में सफल नहीं हो रही? क्या इसका कारण यह है कि संवेदनशील और जोखिम वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं भेजे जाते या केवल एक-एक या दो-दो पुलिस बल के सदस्य भेजे जाने के कारण ऐसा होता है अथवा ऐसी घटनाओं के पीछे कोई सोची-समझी पूर्व नियोजित साजिश होती है? इसकी तह में जाना जरूरी है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version