राजनांदगांव। बौद्ध कल्याण समिति, जिला राजनांदगांव के द्वारा संविधान स्वीकार करने की 71वीं सालगिरह पर संविधान दिवस समारोह का भव्य आयोजन कर मनाया गया। संविधान दिवस समारोह का आरंभ कलेक्ट्रेट स्थित बोधिसत्व डॉ अंबेडकर जी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर एवं संविधान की उद्देशिका का वाचन कर हुआ। तत्पश्चात डॉ. अंबेडकर संस्कृतिक भवन सिविल लाइन में बोधिसत्व डॉ अंबेडकर की प्रतिमा में माल्यार्पण कर नगर के सभी बुद्ध विहारो में संविधान पर बहुविकल्पीय लिखित प्रश्नोत्तरी परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें सैक?ों की संख्या में 18 वर्ष से कम आयु के शिक्षार्थियों ने भाग लिया। दोपहर में डॉ अंबेडकर संस्कृतिक भवन, सिविल लाइन में संविधान दिवस समारोह के अवसर पर एक संक्षिप्त सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नगर की महापौर हेमा देशमुख, अंतव्यवसायी एवं वित्त विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिल, राजगामी संपदा के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पार्षद सिद्धार्थ डोंगरे, पार्षद पूर्णिमा नागदेवे, पार्षद गामेंद्र नेताम, एल्डरमैन एजाजुर रहमान, राजा गुप्ता सहित सभी प्रबुद्ध वर्ग उपस्थित हुए। सभा को संबोधित करते हुए महापौर हेमा देशमुख ने संविधान के निर्माण में डॉ अम्बेडकर जी के योगदान का उल्लेख किया। श्रीमती देशमुख ने कहा कि मैं आज जो भी हूं, वह इस संविधान के कारण हू। डॉ. अम्बेडकर ने महिलाओं को अधिकार देकर सक्षम व सामर्थ्यवान बनाया। आपने बताया कि नगर के सौंदर्यीकरण के तहत बुढ़ा सागर के तट में महाकारूणिक बुद्ध की विशालकाय ध्यान साधना प्रतिमा लगाई जायेगी। साथ ही बौद्ध समाज की सभी मांगों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। अंतव्यवसायी एवं वित्त विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला ने सभा में कहा कि डॉ. आंबेडकर के संवैधानिक प्रावधानों का लाभ लेकर वंचित वर्ग आज समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाया है। राजगामी संपदा के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने बूढ़ा सागर में लग रही महाकारूणिक बुद्ध की प्रतिमा का उल्लेख करते हुएए शासन के सहयोग का आभार व्यक्त किया। बौद्ध कल्याण समिति के संरक्षक प्रशांत सुखदेवे ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए ध्यान आकृष्ट किया कि आज अनुसूचित जाति, जनजाति के पदोन्नति में आरक्षण पर राज्य में रोक है और अनुसूचित जाति का 12 से 13 प्रतिशत आरक्षण का लाभ उन्हे नहीं मिल पा रहा है। संविधान दिवस समारोह की इस सभा में बुद्धिस्ट शासकीय सेवक संघ के अध्यक्ष इंजीनियर आरके गजभिए ने संविधान की प्रस्तावना की व्याख्या विषय पर लिखे गए निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया। निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों का मुख्य अतिथि महापौर हेमा देशमुख के द्वारा सम्मान किया गया। सभा का संचालन राहुल श्यामकुंवर ने किया। इस संपूर्ण संविधान दिवस समारोह को आयोजित करने में बौद्ध कल्याण समिति और उनकी सभी शाखाओं एवं बुद्धिस्ट शासकीय सेवक संघ और वार्डों की सभी समितियों का तथा बौद्ध कल्याण समिति अध्यक्ष शैलेंद्र मेश्राम, सचिव कांति फुले, कोषाध्यक्ष महेंद्र रामटेके, युवा विंग अध्यक्ष प्रितेश कामड़े, उपाध्यक्ष युवा विंग आशीष रामटेके, (युवा विंग) उपाध्यक्ष राहुल खोब्रागढे, श्रेष्ठ मेश्राम, उत्तम शेंडे, दिवाकर शेंडे, सचिव युवा विंग हिमनी वासनिक, महिला अध्यक्ष पायल मेश्राम, रचना लोन्हारे, शीतल रामटेके, पुष्पलता गनवीर, मोहन गजभिये, निवेश चोखांद्रे आदि समस्त पदाधिकारी का उल्लेखनीय योगदान रहा।
