रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत आरएन सिंह पिछले सरकार में पहली बार तत्कालीन शिक्षा मंत्री के निजी स्टाफ में पदस्थ हुए। इसके बाद लगातार तीन बार भाजपा सरकार में अलग-अलग शिक्षा मंत्री के यहां पदस्थ रहे। मंत्रियों के निज पदस्थापना के लाभ का दुरुपयोग कर वर्ष 2008 में विभाग में गलत तरीके से पदोन्नति ली। पद का दुरुपयोग यही नहीं रुका, आरएन सिंह द्वारा व्याख्याता से सहायक प्राध्यापक एवं संयुक्त संचालक तक पदोन्नति में नियमों को ताक में रखकर पदोन्नति ली गई। पीएससी के बगैर अनुशंसा एवं तय नियमों के विपरीत संयुक्त संचालक के पद पर पदोन्नत होकर शासन को लाखों रुपए का चुना लगाया।
शासन ने शिकायत पर आरएन सिंह के संयुक्त संचालक पदोन्नति को जांच कर पीएससी की अनुशंसा पश्चात गलत मानते 28 नवम्बर 2020 को डिमोशन करने आदेश जारी कर दिया है। संबंधित से प्रभाव के चलते प्राप्त गलत पदोन्नति प्राप्त करने आपराधिक मामला दर्ज करते पिछले 13 वर्षों से अधिक वेतन लेने पर ब्याज समेत रिकवरी (वसूली) होगी। साथ ही पूरे प्रकरण में लिप्त दोषी कर्मचारी अधिकारी पर मामला दर्ज कर कार्यवाही संभावित है।
