चेन्नै : आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी को पद्म श्री अवॉर्ड दिए जाने पर घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसका विरोध किया और वी कामकोटी पर गाय के मूत्र पर शोध संबंधी टिप्पणी करते हुए तंज कसा। हालांकि कांग्रेस के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया। ज़ोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू भी वी कामकोटी के बचाव में उतरे और कांग्रेस के तंज पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
केरल कांग्रेस ने X पर एक पोस्ट में वी कामकोटी को नागरिक सम्मान के लिए बधाई दी। बधाई के साथ ही उनके काम पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘वी. कामकोटी को इस सम्मान के लिए बधाई। आईआईटी मद्रास में गाय के मूत्र पर आपके अत्याधुनिक शोध को राष्ट्र मान्यता देता है, जिसने गोमूत्र को विश्व स्तर पर पहुंचाया है।’
वेम्बू ने बताए वी कामकोटी के काम
कांग्रेस के तंज पर वेम्बू ने कामकोटी की शैक्षणिक योग्यताओं और राष्ट्रीय सेवा में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने X पर लिखा, ‘प्रोफेसर कामकोटी माइक्रोप्रोसेसर डिजाइन जैसे तकनीकी क्षेत्र में काम करते हैं। वे भारत के सर्वश्रेष्ठ तकनीकी संस्थान IIT-मद्रास के निदेशक हैं। वे NSAB में भी कार्यरत हैं। वे इस सम्मान के पूरी तरह हकदार हैं।’
गोमूत्र पर भी दिया मुंहतोड़ जवाब
पारंपरिक पदार्थों के अध्ययन की वैज्ञानिक वैधता का बचाव करते हुए वेम्बु ने कहा, ‘मैंने वैज्ञानिक आधार पर उनका बचाव किया है और मैं फिर से करूंगा। गाय के गोबर और गाय के मूत्र में उत्कृष्ट माइक्रोबायोम होता है जो मनुष्यों के लिए मूल्यवान हो सकता है। यह गुलाम औपनिवेशिक मानसिकता है जो सोचती है कि ये वैज्ञानिक प्रस्ताव जांच के योग्य नहीं हैं। किसी दिन, जब हार्वर्ड या एमआईटी इस पर कोई अध्ययन प्रकाशित करेंगे, तो ये गुलाम मानसिकता वाले लोग उसे परम सत्य मानकर उसकी पूजा करेंगे।’
क्या बोले आईआईटी मद्रास के निदेशक
इस वर्ष पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों में शामिल कामकोटी ने पहले इस सम्मान को सामूहिक उपलब्धि बताया था। 25 जनवरी को साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, ‘पद्म श्री पुरस्कार का मेरे लिए सिर्फ यही अर्थ है कि मैं 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। यह पुरस्कार अकेले हासिल करना संभव नहीं है, यह एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है। मैं यह पुरस्कार उन सभी को समर्पित करता हूं जिन्होंने इसमें योगदान दिया है… उन्हीं की बदौलत मुझे यह पुरस्कार मिल रहा है।’
बीजेपी ने किया पलटवार
वहीं बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने पद्म पुरस्कार विजेताओं के चयन पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार उन व्यक्तियों को राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ती है जो वास्तव में इसके पात्र हैं और जिन्होंने समाज में सार्थक योगदान दिया है, जबकि यूपीए शासन के दौरान ऐसा नहीं होता था।उन्होंने कि पहले, यूपीए सरकार की प्रशंसा करने वाले टीवी एंकरों को पद्म भूषण पुरस्कार मिलते थे। गांधी परिवार के माध्यम से सिफारिश करने वालों को पद्म पुरस्कार मिलते थे।

