उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतार दिया।

दरअसल, भांजे आदेश से अवैध संबंधों में बाधा बनने पर पूजा ने पति बलराम की निर्मम हत्या कर दी। बुधवार की रात में पूजा ने सो रहे पति बलराम के पैर पकड़े। इसके बाद आदेश और उसके दोस्तों ने बलराम की गर्दन चाकू से रेत दी। बलराम की चीख सुनकर 7 साल का बेटा पवन मौके पर आया। इस दौरान पूजा ने उसे डांटकर भगा दिया और कहा, ”यहां से जाओ, पापा को सुई लग रही है।” इसके बाद मासूम कमरे में चला गया। गुरुवार की सुबह हत्याकांड बेपर्दा हो गया।

12 साल पहले बलराम की शादी लखीमपुर खीरी निवासी पूजा से हुई थी। बलराम के भाई राजू का कहना है कि कि हरदोई निवासी भांजा आदेश अक्सर पूजा के पास आता था। डेढ़ साल पहले दोनों के अवैध संबंधों की जानकारी हुई तो परिजनों ने विरोध किया। इस पर दोनों 3 बार घर छोड़कर चले गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वह लौटे थे।

राजू का कहना है कि उसी समय भाई को समझाया था कि पूजा से तलाक ले लें, लेकिन वह परिवार बचाने का प्रयास करते रहे। गुरुवार की सुबह बलराम के दरवाजे पर कई आवाज लगाने के बाद उसके बच्चों ने दरवाजा खोला। जब राजू अंदर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि बरामदे में चारपाई पर बलराम का लहूलुहान शव पड़ा था। उसके पास ही बैठी पूजा का रो-रो कर बुरा हाल था। जब पूजा से बलराम की मौत का कारण पूछा तो वह कहने लगी कि रात में कोई हमलावर बलराम की हत्या कर गया। पुलिस के मुताबिक, पूजा के बयानों में विरोधाभास था।

जब महिला पुलिसकर्मी ने उसके बेटे पवन से बातचीत की तो सच सामने आया। पवन ने बताया, “रात को पापा के चीखने की आवाज सुनकर वह बरामदे में गया। वहां उसने देखा कि आदेश और दो अन्य लड़के पापा के गले पर चोट मार रहे थे। मम्मी ने पापा के पैर पकड़े थे। मम्मी ने मुझे देखकर डांटा कि पापा को सुई लग रही, तुम अंदर जाओ। मैं डर के कारण कमरे में जाकर सो गया। सुबह जब आंख खुली तो मम्मी पापा के पास बैठी रो रही थी।” मामले को लेकर CO प्रवीण मलिक ने बताया कि राजू की तहरीर के आधार पर पूजा, आदेश और 2 अज्ञात पर हत्या की FIR दर्ज कर ली गई है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version