मुंबई, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की कमान कौन संभालेगा, यह सवाल राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है. मुंबई और पुणे के राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हैं, हालांकि पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
प्रफुल्ल पटेल के नाम पर चर्चाएं, खुद किया खंडन
अजित पवार के बाद एनसीपी अध्यक्ष पद को लेकर प्रफुल्ल पटेल के नाम की चर्चा जोरों पर है, लेकिन उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है. प्रफुल्ल पटेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साफ कहा कि मीडिया में चल रही उनकी नियुक्ति से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार और सत्यहीन हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एक लोकतांत्रिक संस्था है और किसी भी बड़े फैसले से पहले वरिष्ठ नेतृत्व, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से व्यापक परामर्श किया जाता है. पटेल के मुताबिक, राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते एनसीपी स्थापित प्रक्रियाओं और सामूहिक इच्छा का सम्मान करते हुए ही नेतृत्व से जुड़े निर्णय लेती है. बता दें कि प्रफुल्ल पटेल ही फिहलाल NCP के कार्यकारी अध्यक्ष हैं.
सुनेत्रा पवार की भूमिका और बढ़ी सियासी अहमियत
अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाया जा चुका है और उन्हें विधायक दल का नेता भी चुना गया है. इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर उनका कद और राजनीतिक प्रभाव तेजी से बढ़ा है. कई एनसीपी नेताओं का मानना है कि संगठन की कमान संभालने के लिए सुनेत्रा पवार एक मजबूत और स्वाभाविक विकल्प हो सकती हैं.
हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अजित पवार के बाद आधिकारिक तौर पर एनसीपी अध्यक्ष कौन होगा. इसी वजह से नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं.
प्रफुल्ल पटेल ने अपने हालिया बयान में यह भी कहा है कि डिप्टी सीएम के खाली पद और कैबिनेट पोर्टफोलियो को लेकर जल्द ही फैसला लिया जाएगा. उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है और उचित समय पर औपचारिक घोषणा की जाएगी.

