दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षक (एलबी) संवर्ग के लंबित मांगो के निराकरण के मसले पर छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास जाकर ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर व निज सहायक श्री चंद्रवंशी ने छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के पदाधिकारियों की मांग संबंधी ज्ञापन शिक्षा विभाग के संचालक को अग्रेषित करते हुए त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के राजेश पाल-प्रदेश अध्यक्ष, प्रणव मांडरिक-प्रदेश महामंत्री, प्रकाश चौबे- प्रदेश सलाहकार, हेमंत मढरिया-प्रदेश संयोजक, रितेश टिकरिहा-प्रदेश मीडिया सलाहकार, जलेश्वर साहू-दुर्ग जिला प्रभारी समेत कई अन्य पदाधिकारी महाफेडरेशन की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। महाफेडरेशन के प्रदेश प्रमुख राजेश पाल ने कहा कि शिक्षक के साथ एलबी का लेखन बंद होना चाहिए। यह शब्द शिक्षक की गरिमा को प्रभावित करता है। 2 साल में संविलियन करने के निर्णय का स्वागत करते हुए महाफेडरेशन ने वेटेज व संशोधित वेतन देने की मांग रखी है। राज्य के शिक्षा विभाग में प्रधान पाठक, प्राचार्य के पदों पदों पर एलबी के पदोन्नति का रास्ता साफ करते हुए पांच वर्ष की अहर्ता को शिथिल किया जाना चाहिए। एलबी के प्रथम नियुक्ति को मान्य करते हुए वेतनमान निर्धारित किया जाए। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन ने मांग की है कि एलबी के वेतन निर्धारण में हुए विसंगति को दूर कर समानुपातिक वेतन दिया जाय। मांगों के क्रम में आगे कहा गया कि हायर सेकण्डरी में विज्ञान सहायकों के पद पर नियुक्त एलबी सहायक शिक्षकों को भी वरिष्ठता सूची में स्थान प्रदान करें ताकि पूर्व माध्यमिक शालाओं में पदोन्नति मिल सके। एलबी संवर्ग को क्रमोन्नति व डबल समयमान वेतन देकर वेतन विसंगति दूर किया जाए। इसी तरह संवर्ग के शिक्षको को प्रशासनिक पदों पर प्रतिनियुक्ति देकर प्रतिभाओं का सदुपयोग किया जाए। लंबित महंगाई भत्ते वार्षिक वेतन वृध्दि की लंबित एरियस राशि शीघ्र दिया जाए। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन ने 2004 के पश्चात नियुक्त हुए समस्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्किम (ओपीएस) के दायरे में लाने के लिए नियम बनाये जाने की अहम मांग रखी है। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से अपील की है कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें, ताकि राज्य के विकास में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सभी कर्मचारी चल सके। छत्तीसगढ़ शिक्षक महाफेडरेशन ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी व राज्य के बड़े अधिकारियों को भी अवगत कराया है तथा उम्मीद जताई है कि शासन उनकी मांगों पर सार्थक पहल करेगी।
