महाराष्ट्र के अकोला जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. अकोट तहसील के अडगांव बुद्रुक गांव में 12 फरवरी शाम करीब 7 बजे एक मकान में भीषण आग लग गई. इस हादसे में 6 साल की बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, यह आग साप्ताहिक बाजार के पास स्थित शेख इब्राहिम के घर में लगी. मकान में रहने वाले तीनों लोग किराएदार थे. आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके.
हादसे में 3 की मौत
मृतकों की पहचान स्वरा प्रभुदास सोलंके (6) और अनिल उकर्डा चव्हाण (27) के रूप में हुई है, जिन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं रत्ना उकर्डा चव्हाण (55) गंभीर रूप से झुलस गई थीं. उन्हें पहले अकोट ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया और बाद में हालत बिगड़ने पर अकोला के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई.
आग लगने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की और ग्राम पंचायत ने पानी की व्यवस्था की. सूचना मिलते ही तेल्हारा और अकोट से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
इस वजह से लगी थी आग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घर के अंदर बड़ी मात्रा में डीजल रखा गया था, वह भी असुरक्षित तरीके से. उनका कहना है कि डीजल की वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया. हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया गया है.
घटनास्थल पर अकोट के एसीपी निखिल पाटिल, तहसीलदार महेश रामगुंडे और हिवरखेड़ थाने के अधिकारी मौजूद रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया और देर रात तक पंचनामा की कार्रवाई चलती रही.
स्वास्थ्य केंद्र में भी डॉक्टर नहीं थे मौजूद
इस घटना में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही भी सामने आई है. झुलसे लोगों को पहले नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था. प्राथमिक उपचार में देरी के कारण हालात और गंभीर हो गए.
फिलहाल पुलिस ने कहा है कि फॉरेंसिक जांच और अग्निशमन विभाग की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा. पूरे गांव में इस हादसे के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है.

