केरल, हाल ही उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड ने पूरे देश को झकझोर दिया था. कैसे कोरियन कल्चर के प्रभाव में आकर बच्चे कुछ कर गुजरते हैं. एक ऐसा ही मामला केरल से आया है. एक 16 साल की लड़की ने कोरियन कल्चर के प्रभाव में आकर अपनी जान दे दी. दरअसल, नाबालिग लड़की घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी. फिर, मिसिंग हो गई. कुछ ही देर के बाद उसकी लाश पास के खादान में मिली. शुरूआती जांच के बाद लगा कि उसने सुसाइड किया है. हालांकि, पुलिस को मोबाइल से कुछ ऐसा मिला कि जांच की सुई घूम गई. ये सूई एक ‘ब्लैक वेनम’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर गई, जिसे लड़की प्रभावित थी.
दरअसल, भारत में के-पॉप का काफी प्रचलन है. खासकर टीनएजर्स में. लड़के हों या लड़कियां कोरियन कल्चर, सिंगर और वेब सीरीज के दिवाने हैं. दिवानगी की हद ऐसी है कि वे कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहते हैं. ऐसा ही हुआ, गाजियाबाद की तीनों बहनों के साथ और फिर केरल की इस बच्ची के साथ.
डिजिटल सुराग से खुले राज
शुरुआत में एक दुखद आत्महत्या माना जा रहा था, अब वह एक गहरे और खतरनाक ऑनलाइन षड्यंत्र (Cyber Conspiracy) की तरफ इशारा कर रहा है. 27 जनवरी को स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली यह छात्रा बाद में घर के पास एक पत्थर की खदान (Quarry) में मृत पाई गई थी. लेकिन पुलिस को जब उसके फोन और ऑनलाइन एक्टिविटी से डिजिटल सुराग मिले, तो जांच की दिशा ही बदल गई.
रहस्यमयी अकाउंट पर शक
पुलिस की जांच के दायरे में इंस्टाग्राम (Instagram) का एक रहस्यमयी अकाउंट है. इसका नाम ‘ब्लैक वेनम’ (Black Venom) है. मृतक लड़की इस अकाउंट को फॉलो करती थी. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस अकाउंट पर कोरियन पॉप (K-Pop) कल्चर, म्यूजिक बैंड और ऐसी इमेजरी पोस्ट की जाती थी. ऐसे पोस्ट टीनेजर्स को काफी आकर्षित करते हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अकाउंट पर पहले 30 से ज्यादा फॉलोअर्स थे, लेकिन लड़की की मौत की खबर फैलते ही अधिकांश फॉलोअर्स रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए. यह इस बात का संकेत है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो सबूत मिटाने की कोशिश कर रहा है.
सुसाइड नोट और इंस्टा अकाउंट से जुड़े राज
‘कोरियन दोस्त’ की मौत और सुसाइड नोट लड़की के पास से एक नोट मिला है, जिसमें उसने अपने एक कथित ‘कोरियन दोस्त’ की मौत के कारण गहरे मानसिक तनाव (Emotional Distress) की बात लिखी थी. हालांकि, पुलिस को शक है कि यह ‘दोस्त’ और उसकी मौत की कहानी किसी ऑनलाइन ग्रुप द्वारा उसे मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ने या प्रभावित करने के लिए रची गई हो सकती है.
फोन में छिपा सिक्रेट राज
साइबर फॉरेंसिक जांच में बेहद डरावनी बातें सामने आई हैं. पुलिस ने पाया कि छात्र चोरी-छिपे स्कूलों में मोबाइल फोन ला रहे हैं. एक ही डिवाइस से कई फर्जी अकाउंट चला रहे हैं. जांच के लिए भेजे गए एक फोन में 8 अलग-अलग इंस्टाग्राम अकाउंट लॉग-इन मिले. ये अकाउंट फर्जी पहचान (Fake Identities) के साथ बनाए गए थे, जिससे असली यूजर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि नाबालिग बच्चे ‘कोडेड भाषा’ (Coded communication) का इस्तेमाल कर सीक्रेट ऑनलाइन ग्रुप्स में बात कर रहे थे.

