Mahashivratri 2026: आज सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्रादित्य योग और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभसंयोग बनेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ कार्यों और पूजा-पाठ के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन यह योग पूरे समय प्रभावी रहेगा, जिससे शिव आराधना का फल कई गुना बढ़ जाएगा. इस दौरान ग्रहों के राजा सूर्य और भाग्य के कारक ग्रह शुक्र, दोनों कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे शुक्रादित्य योग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग विशेष रूप से कुंभ, मेष और कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ फलदायी सिद्ध होगा.

चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि की रात्रि में चार प्रहरों में भगवान शिव का अभिषेक और पूजन करना अत्यंत फलदायी रहेगा. प्रत्येक प्रहर में अलग-अलग सामग्री से अभिषेक करने की परंपरा है. शिवपुराण के अनुसार, इस रात्रि में किया गया जप, ध्यान और व्रत हजारों गुना फल देता है और साधक के मन, कर्म और जीवन को पवित्र करता है.

दो दिन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी

महाशिवरात्रि का त्योहार आज 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को मनाया जा रहा है. श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की तिथि इस दिन शाम 04 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी, जो 16 फरवरी यानि सोमवार को शाम 5 बजकर 09 मिनट तक रहेगी. महाशिवरात्रि का व्रत आज 15 फरवरी को रखना ही शास्त्र सम्मत है. 15 को व्रत रखने वाले शिव भक्त अंतिम पहर की पूजा 16 फरवरी यानि सोमवार सुबह पूरी करेंगे. ऐसे में भगवान शिव को अति प्रिय सोमवार को व्रत की पूजा संपन्न करने से अत्यंत फल की प्राप्ति होगी.

हर प्रहर में अलग-अलग सामग्री से होता है अभिषेक

पहला प्रहर: जल व बेलपत्र से अभिषेक

दूसरा प्रहर: दही या दूध से अभिषेक

तीसरा प्रहर: घी या शहद से अभिषेक

चौथा प्रहर : गंगाजल व पंचामृत से अभिषेक

महाशिवरात्रि तिथि और शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि व्रत आज 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को है.
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026 दिन रविवार की शाम 04 बजकर 23 मिनट पर
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का समापन: 
16 फरवरी दिन सोमवार की शाम 05 बजकर 09 मिनट पर
निशिता काल पूजा समय – 15 फरवरी 2026 की रात 11 बजकर 38 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट
अवधि – 00 घण्टे 51 मिनट

महाशिवरात्रि 4 प्रहर पूजा मुहूर्त

प्रथम प्रहर पूजा का समय – शाम 05 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 53 मिनट तक
द्वितीय प्रहर पूजा का समय – रात 08 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 03 मिनट तक
तृतीय प्रहर पूजा का समय- रात 12 बजकर 03 मिनट से 03 बजकर 14 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर पूजा का समय- 16 फरवरी की सुबह 03 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक
महाशिवरात्रि व्रत पारण समय – 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार को 07 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक

राशि अनुसार ऐसे करें शिव पूजन

मेष राशि: गुड़, लाल चंदन व गुलाब जल से अभिषेक, कनेर के फूल अर्पित करें.

वृषभ राशि: दही, शक्कर, चावल व सफेद फूल से पूजा करें.

मिथुन राशि: गन्ने के रस से अभिषेक, दूब अर्पित करें.

कर्क राशि: कच्चे दूध और शंखपुष्पी से अभिषेक करें.

सिंह राशि: गुड़ मिले जल से अभिषेक, खीर का भोग लगाएं.

कन्या राशि: गन्ने के रस से अभिषेक, भांग, दूब व पान अर्पित करें.

तुला राशि: इत्र या सुगंधित तेल से अभिषेक, खीर-शहद का भोग लगाएं.

वृश्चिक राशि: पंचामृत से अभिषेक, लाल पुष्प चढ़ाएं.

धनु राशि: हल्दी मिश्रित दूध से अभिषेक, गेंदे के फूल अर्पित करें.

मकर राशि: नारियल जल से अभिषेक, नीलकमल चढ़ाएं.

कुंभ राशि: तिल के तेल से अभिषेक, उड़द की मिठाई का भोग लगाएं.

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