अहमदाबाद: गुजरात में एक शख्स ने अपनी पत्नी से तलाक लिया। तलाक लेने के कुछ ही दिनों बाद उसने दूसरी शादी कर ली। वहीं पत्नी ने हाई कोर्ट में इच्छा जाहिर की है कि वह अपने पति के साथ फिर शादी करना चाहती है। उसने पति की शादी रद्द करने की अपील की है। पत्नी की अपील पर अब हाई कोर्ट ने उस शख्स को तलब किया है। हाई कोर्ट ने पूछा कि तलाक मिलने के कुछ ही दिनों के भीतर ही दूसरी शादी क्यों की। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि तलाक का औचित्य सिद्ध न कर पाने पर फैमिली कोर्ट के दिए गए तलाक के आदेश पर रोक लगाई जा सकती है।

अहमदाबाद पारिवारिक न्यायालय ने 20 जनवरी 2025 को पति की ओर से दायर तलाक की याचिका मंजूर कर ली थी। दोनों का तलाक हो गया। पति ने 27 जनवरी को दूसरी शादी कर ली। पत्नी ने इसी मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की।


पत्नी ने कोर्ट में क्या कहा

गुजरात हाई कोर्ट में पत्नी ने तर्क दिया कि पुनर्विवाह हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 15 का उल्लंघन है, जो तलाकशुदा व्यक्ति को 90 दिनों के भीतर पुनर्विवाह करने से रोकती है। यह अपील दायर करने के लिए वैधानिक अवधि है।

पत्नी पर पति के आरोप

पत्नी ने दावा किया कि पति ने केवल वर्तमान कार्यवाही को रद्द करने और धारा 15 के प्रावधान की अवहेलना करने के उद्देश्य से पुनर्विवाह किया है। अपील का विरोध करते हुए, पुलिस कॉन्स्टेबल पति ने कहा कि पारिवारिक न्यायालय ने उसे क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक दिया था। उसने दावा किया कि क्रूरता साबित हो गई क्योंकि पत्नी कथित तौर पर टेलीविजन देखने में मग्न रहती थी और उसे नजरअंदाज करती थी, और बाद में वैवाहिक घर छोड़कर चली गई।

हाई कोर्ट में पत्नी बोली- पति के साथ जाना चाहती है

सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट की पीठ ने महिला से पूछा कि क्या वह अब भी वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। उसने सकारात्मक उत्तर दिया। उसके वकील ने बताया कि मध्यस्थता के प्रयास शुरू किए गए थे, लेकिन पति विवाद सुलझाने या किसी भी प्रकार का भरण-पोषण देने से इनकार करते हुए बाहर चला गया।


फरवरी में पति के खिलाफ सुनवाई

प्रारंभिक सुनवाई के बाद, हाई कोर्ट ने कहा कि दिखाई गई जल्दबाजी 1955 के अधिनियम की धारा 15 के प्रावधान के विरुद्ध है, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि 90 दिनों की अवधि के भीतर किया गया कोई भी दूसरा विवाह अवैध होगा। न्यायालय ने 18 फरवरी को पति को तलब किया कि वह यह स्पष्ट करे कि 27 जनवरी, 2025 को दूसरा विवाह करते समय उसके मन में क्या विचार थे। यदि प्रतिवादी इसका औचित्य सिद्ध करने में विफल रहता है, तो पारिवारिक न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
Exit mobile version