राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सोमवार का सूरज काल बनकर उतरा। खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि वहां काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार, अब तक 7 शव निकाले जा चुके हैं, जो पूरी तरह जल चुके हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सोमवार सुबह उस वक्त हुआ जब फैक्ट्री में शिफ्ट बदली जा रही थी और करीब 25 मजदूर काम पर तैनात थे। अचानक फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई धमाके हुए। आग पलक झपकते ही पूरी बिल्डिंग में फैल गई। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था।
7 की मौत, 2 अभी भी लापता
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक़ मलबे से 7 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, 2 मजदूर अभी भी लापता हैं, जिनके फैक्ट्री के पिछले हिस्से में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर
आग बुझाने के लिए भिवाड़ी, खैरथल, तिजारा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से करीब 15-20 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गई हैं। चूंकि फैक्ट्री केमिकल की है, इसलिए पानी के साथ-साथ फोम (Foam) का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सवाल: क्या फैक्ट्री में थे पुख्ता इंतजाम?
इस बड़े हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की पोल खोल दी है।
- फायर एनओसी: क्या फैक्ट्री के पास वैध फायर एनओसी थी?
- एग्जिट गेट: मजदूरों के बाहर निकलने के लिए पर्याप्त रास्ते थे या नहीं?
- केमिकल स्टोरेज: ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण नियमों के अनुसार किया गया था या नहीं? स्थानीय प्रशासन ने इन सभी बिंदुओं पर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

