पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दरअसल, मान सरकार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा जोर पकड़ रही है। इस संबंध में मंत्रियों और विधायकों की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें एक अनुसूचित जाति और एक सवर्ण विधायक को डिप्टी सीएम बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि रैली के तुरंत बाद हो रही यह बैठक पार्टी की रणनीति तय करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के भी बैठक को संबोधित करने की संभावना है।
घोषणा पत्र में किया था वादा
चुनाव घोषणा पत्र में दलित उपमुख्यमंत्री बनाने का वादा करने वाली आम आदमी पार्टी अब इस वादे को लागू कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए संगठन दो उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। अंतिम फैसला विधायकों की राय लेने के बाद ही किया जाएगा।
मोगा रैली में दिग्गजों की मौजूदगी
मोगा के किल्ली चहल गांव में “नशों के खिलाफ जंग” अभियान के तहत बड़ी रैली आयोजित की गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद ट्वीट कर रैली में शामिल होने की पुष्टि की। हालांकि वे मोहाली के Fortis Hospital Mohali में भर्ती हैं, इसलिए पहले उनके शामिल न होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन 16 फरवरी की घोषणा के बाद समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है। रैली को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल संबोधित करेंगे। उनके साथ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा भी मंच साझा करेंगे। इस रैली को संगठन की ताकत दिखाने और आने वाली राजनीतिक रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव
पंजाब में विधानसभा चुनाव में लगभग एक साल का समय बचा है, ऐसे में पार्टी के भीतर बड़े फैसलों की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री के साथ एक ऐसे नेता को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है जो अभी सरकार का हिस्सा नहीं है। मोगा रैली के बाद होने वाली बैठक पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
सीएम ने कई कार्यक्रमों में लिया था भाग
रविवार को मुख्यमंत्री मान ने केजरीवाल के साथ कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इसी दौरान उन्हें असहज महसूस हुआ और तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया था, लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है और अधिकांश जांच रिपोर्ट सामान्य आई हैं।

