गुवाहाटी: काफी मान-मनौव्वल के बाद भी कांग्रेस नेता भूपेन बोरा 22 जनवरी को फाइनली बीजेपी में शामिल होंगे। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पुष्टि के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने अब मोर्चा खोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हिमंता बिस्वा सरमा को असम का जिन्ना करार दिया। गोगोई ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता बिस्वा सरमा और भूपेन बोरा पर जमकर हमले किए। उन्होंने बोरा पर पार्टी की मीटिंग की जानकारी लीक करने का आरोप भी लगाया।
अफवाहों पर नहीं किया भरोसा
गौरव गोगोई ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा और भूपेन बोरा के बीच करीबी रिश्तों के बारे में पहले से अफवाहें थीं, जिस उन्होंने कभी भरोसा नहीं किया। वह अक्सर हैरान रहते थे कि पार्टी की सीक्रेट मीटिंग की जानकारी हिमंत बिस्वा सरमा के करीबी पत्रकार को कैसे मिल जाती है। भूपेन बोरा के इस्तीफे से यह सच सामने आ गया है। भूपेन बोरा को बीजेपी में शामिल होने और हिमंता बिस्वा सरमा के सामने सरेंडर करने में कोई दिक्कत नहीं थी।
कांग्रेस पर नहीं पड़ेगा फर्क
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस ने अपने अभियान के जरिए हिमंत बिस्वा सरमा के रियल एस्टेट एम्पायर का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि भूपेन बोरा के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बीजेपी सरकार की विदाई होगी। गौरव गोगोई ने कहा कि कुछ दिन पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने सार्वजनिक तौर पर भूपेन बोरा की बुराई की थी। बोरा के खिलाफ महिला आयोग की जांच चल रही है। अब हिमंत उन्हें सबसे ईमानदार हिंदू नेता बता रहे हैं।
चार साल प्रदेश अध्यक्ष रहे बोरा
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस के प्रेसिडेंट रह चुके हैं। कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने फैसले का बचाव भी किया। बोरा ने कहा कि उन्होंने एक महीने पहले गौरव गोगोई को एक लेटर लिखा था, जिसमें उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की चेतावनी दी थी क्योंकि उनका कांग्रेस में अपमान हो रहा था। उन्होंने बताया कि इस्तीफे के बाद राहुल गांधी ने उनसे बात की और 2007 से अपने रिश्ते की याद दिलाई मगर इस्तीफे में लिखे गए मुद्दों का जिक्र भी नहीं किया। भूपेन बोरा ने दावा किया था कि गौरव गोगोई का पार्टी पर कोई कंट्रोल नहीं है। धुबरी के सांसद रकीबुल हुसैन ही पार्टी के फैसले कर रहे हैं।

