भारत में बड़े लेवल पर ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ (India AI Impact Summit 2026) का आयोजन चल रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने दिल्ली के भारतम मंडपम में आधिकारिक रूप से ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का उद्घाटन कर दिया है। इस अवसर पर फ़्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) और ब्राज़ील (Brazil) के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा (Luiz Inácio Lula da Silva) समेत कई ग्लोबल लीडर्स और टेक लीडर्स भी भारतम मंडपम में मौजूद हैं।
एआई को बताया रोजगार का बड़ा अवसर
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के साथ ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का उद्घाटन किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एआई को रोजगार का बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि एआई नौकरियाँ घटाएगा नहीं, बल्कि बढ़ाएगा। साथ ही भारत में आयोजित इस सम्मेलन को दुनिया का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक एआई समिट बताते हुए सभी का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने इस समिट का भारत में होना ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात बताया।
भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता है और स्वीकार करता है
भारत सबसे ज़्यादा युवा आबादी वाला देश है और इस एआई समिट में भी बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया है, जिसकी पीएम मोदी ने भी तारीफ की। पीएम मोदी ने देश में टेक्नोलॉजी के तेज़ी से हो रहे विकास पर बात करते हुए कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता है और स्वीकार भी करता है।
दुनिया की बड़ी पीढ़ी कर रही एआई को स्वीकार
एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की बड़ी पीढ़ी आज के इस दौर में एआई को स्वीकार कर रही है। उन्होंने एआई को मानव इतिहास का सबसे बड़ा परिवर्तन बताते हुए इसे बेहद ही अहम बताया। उन्होंने बताया कि एआई से काम ज़्यादा प्रभावी बनेगा।
मशीनें बन रही हैं इंटेलिजेंट
पीएम मोदी ने मशीनों के लिए एआई की अहमियत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से मशीनें इंटेलिजेंट बन रही हैं और पहले से बेहतर काम कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि एआई से मानवीय क्षमताओं में कई गुना वृद्धि हो रही है। अंतर सिर्फ इतना है कि इस बार गति अभूतपूर्व है और इसका पैमाना भी अप्रत्याशित है। पहले प्रौद्योगिकी का प्रभाव दिखने में दशकों लग जाते थे। आज के इस दौर में मशीन लर्निंग से लेकर मशीनों को सीखने तक का सफर पहले से कहीं अधिक तीव्र, गहन और व्यापक है।
मानवता की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा एआई
पीएम मोदी ने कौशल विकास, कौशल पुनर्विकास और आजीवन सीखने को एक जन आंदोलन बनाने को ज़रूरी बताया। उन्होंने कहा कि कार्य का भविष्य समावेशी, भरोसेमंद और मानव-केंद्रित होगा। यदि हम सब मिलकर आगे बढ़ें, तो एआई मानवता की क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
एआई का लोकतंत्रीकरण ज़रूरी
पीएम मोदी ने कहा कि एआई के लिए मनुष्य सिर्फ डेटा पॉइंट्स हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मनुष्य सिर्फ कच्चा माल बनकर न रह जाएं, एआई का लोकतंत्रीकरण ज़रूरी है। इसे समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाना चाहिए, विशेषकर वैश्विक दक्षिण में। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी चाहिए और साथ ही जीपीएस की तरह कमान अपने हाथों में रखनी चाहिए। जीपीएस हमें रास्ता दिखाता है, लेकिन हमें किस दिशा में जाना है, इसका अंतिम निर्णय हमारा ही होता है। आज हम एआई को जिस दिशा में ले जाएंगे, वही हमारा भविष्य निर्धारित करेगा।
एआई का सही इस्तेमाल ज़रूरी
पीएम मोदी ने कहा कि एआई सिर्फ भारत का ही नहीं, बल्कि दुनिया का भी भविष्य है और बेहद ही प्रभावी और शक्तिशाली है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एआई के जोखिमों पर भी प्रकाश डाला और इसके सही इस्तेमाल को ज़रूरी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि हमें एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा और उतनी ही बड़ी ज़िम्मेदारी भी उठानी होगी। वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ हमें इस बात की भी चिंता करनी होगी कि हम आने वाली पीढ़ियों को किस रूप में एआई सौंपेंगे। इसलिए आज का असली सवाल यह नहीं है कि भविष्य में एआई क्या कर सकता है। सवाल यह है कि हम वर्तमान में एआई का इस्तेमाल कैसे करें? ऐसे सवाल मानवता के सामने पहले भी आ चुके हैं। इसका सबसे सशक्त उदाहरण परमाणु ऊर्जा है।
भारत का मानव विज़न
पीएम मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में अपने संबोधन के दौरान एआई के लिए मानव विज़न प्रस्तुत किया। उन्होने कहा कि मानव का अर्थ है मानवीय और मानव विज़न कहता है कि एम – नैतिक और नीतिपरक प्रणालियाँ, एआई नैतिक मार्गदर्शन पर आधारित होना चाहिए। ए – जवाबदेह शासन जिसका अर्थ है पारदर्शी नियम, सशक्त निगरानी। एन – राष्ट्रीय संप्रभुता जिसका अर्थ है जिसका डेटा, उसका अधिकार। ए – सुलभ और समावेशी जिसका अर्थ है कि एआई एक गुणक होना चाहिए, एकाधिकार नहीं। वी – वैध और न्यायसंगत का अर्थ है कि एआई विधिवत और सत्यापन योग्य होना चाहिए। भारत का यह मानव विज़न 21वीं सदी की एआई-आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।

