चाय की चुस्की के साथ दिन की शुरूआत करना हम भारतीयों की पुरानी आदत हैं, अक्सर हम इसे बेकार समझकर फेंके देते हैं, जबकि इसमें नाइट्रोजन और कई ऐसे तत्व होते हैं जो कई समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती वो कचरा हैं, जिसके फायदे जानकर हैरान रह जाएगें।
- आंखों की थकान दूर करना : अगर काम या पढ़ाई की वजह से आपकी आंखे थक गई हैं या सूजन आ गई हैं तो इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को एक पतले सूती कपड़े में बांधकर या टी-बैग्स को फ्रिज में ठंडी पोटलियों को 5-10 मिनट के लिए अपनी आंखो पर रखें। इससे डार्क सर्कलस-सूजन कम होती है और थकान उतरती हैं।
- कांच और शीशों की सफाई : चायपत्ती का पानी कांच के लिए एक शानदार क्लीनर हैं। चायपत्ती के पानी का स्प्रे बोतल में भरें और इससे शीशे या खिडक़ी के कांच साफ करें। यह उंगलियों के निशान और धूल को हटाकर शीशे को एकदम पारदर्शी बना देता हैं।
- बर्तनों की चिकनाई हटाना : लहसुन या अंडे की महक बर्तनों से आसानी से नहीं जाती। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को गंदे बर्तनों पर रगडें। चाय में मौजूद तत्व तेल की चिकनाई को काटते हैं और किसी भी गंध को सोख लेते हैं।
- लकड़ी के फर्नीचर की चमक : अगर आपका लकडी का फर्नीचर पुराना लग रहा हैं, तो चायपत्ती का पानी उसे चमका सकता हैं। चायपत्ती को पानी में उबालकर गहरा काढ़ा बना लें और इसे फर्नीचर पर रगडें़

