भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में लाड़ली बहना योजना को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान देखने को मिला। कांग्रेस विधायकों ने सदन में ‘नए रजिस्ट्रेशन’ और 3000 रुपये महीना देने के वादे को लेकर सरकार को घेरा।
तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि जिन लाड़ली बहनों के दम पर सरकार बनी, आज उन्हीं बहनों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजगढ़ में मंत्री द्वारा बहनों को धमकाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर 3000 रुपये महीना देने का वादा कब पूरा होगा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सरकार बहनों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। योजना की शुरुआत मार्च 2023 में हुई और जून 2023 से महिलाओं के खातों में राशि ट्रांसफर की जा रही है। सरकार ने जो भी निर्णय लिया है, उसे समय पर लागू किया गया है। 3000 रुपये महीना देने की दिशा में भी सरकार प्रयासरत है और बहनों को घबराने की जरूरत नहीं है।
वहीं लाड़ली बहना योजना में ‘नए रजिस्ट्रेशन’ को लेकर कोई स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया। जवाब में बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार बहनों के हित में काम कर रही है, विपक्ष सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
कुल मिलाकर सदन में साफ दिखा कि लाड़ली बहना योजना को लेकर राजनीति तेज हो चुकी है, लेकिन ‘नए रजिस्ट्रेशन’ की तारीख पर सरकार अब भी चुप है।

