अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा छत्तीसगढ़ के समस्त जिला एवं ब्लॉक तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया l
छत्तीसगढ़ तृतीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 10 सूत्रीय केंद्रीय मांगों को लेकर पूरे देश भर मेँ प्रदर्शन कर “राष्ट्रीय मांग दिवस” का आयोजन किया गया l
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ द्वारा आज राजधानी रायपुर में प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व मेँ कलेक्ट्रेट मेँ प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर रायपुर को दस सूत्रीय राष्ट्रीय मांगपत्र का ज्ञापन सौपा गया l मांगे पूरी नहीं होने पर आने वाले समय में राष्ट्रीय आंदोलन का निर्णय लिए जाने की चेतावनी दी गई l
प्रमुख मांगे – 1) सभी संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। संविदा /आउटसोर्स / दैनिक वेतनभोगी रोजगार बंद किए जाएं। राज्य सरकार के विभागों और पीएसयू में सभी रिक्त पद नियमित आधार पर भरे जाएं।
2) पीएफआरडीए एक्ट निरस्त किया जाए; एनपीएस /यूपीएस समाप्त किए जाएं। फंड मैनेजरों को निर्देश दिया जाए कि जमा राशि राज्य सरकारों को वापस करें। ईपीएस-95 के सभी सदस्यों को परिभाषित लाभ पेंशन प्रणाली में लाया जाए। पेंशन अधिनियम 2025 को निरस्त कर ओपीएस के तहत पेंशनरों के अधिकार बहाल किए जाएं।
3) चारों श्रम संहिताएं (Labour Codes) निरस्त की जाएं। पीएसयू का निजीकरण / निगमीकरण और सरकारी विभागों का डाउनसाइजिंग बंद किया जाए।
4) 8वें वेतन आयोग (CPC) के संदर्भ की शर्तों की समीक्षा की जाए। हर पांच वर्ष में नियमित वेतन संशोधन सुनिश्चित किया जाए। न्यूनतम ₹5000 की शर्त के साथ मूल वेतन का 10% अंतरिम राहत दी जाए।
5) सरकार के सहयोग से एक व्यापक स्वास्थ्य / बीमा योजना लागू की जाए, जिसमें सभी अस्पतालों में नकद रहित (कैशलेस) उपचार सुनिश्चित हो और इसमें पेंशनरों, कर्मचारियों तथा संविदा कर्मचारियों को शामिल किया जाए।
6) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को वापस लिया जाए; शिक्षकों के लिए अनिवार्य TET आदेश वापस लिया जाए।
7) संविधान के अनुच्छेद 310, 311(2)(a)(b)(c) को निरस्त किया जाए।
8) राज्यों में लंबित डीए /डीआर की सभी किश्तें प्रभावी तिथि से एरियर सहित जारी की जाएं।
9) केंद्र-राज्य संबंधों को पुनः परिभाषित किया जाए; सहकारी संघवाद (Co-operative Federalism) की रक्षा की जाए।
10) संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखा जाए; सभी प्रकार के सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष किया जाए।
कार्यक्रम में संघ के प्रांत अध्यक्ष चंद्र शेखर तिवारी’ महामंत्री मुक्तेश्वर देवांगन, तिलक यादव, फारुक कादरी, प्रवीण तिवारी, देवेंद्र साहू, विजय वर्मा, करीम खान, रविंद्र मरकाम, अनिल वर्मा, चंद्रकांत गोस्वामी, देवेश शर्मा, संदीप पाठक, विमल सोनी सहित अन्य कर्मचारियो ने उपस्थित होकर नारेबाजी कर ज्ञापन सोपा गया l


