गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक गोविंद परमार का बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया. पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी, गोविंद परमार आणंद जिले के उमरेठ विधानसभा सीट से विधायक थे. 72 की उम्र में उन्होंने अंतिम साँस ली.
गोविंद परमार की बीते दिनों घर पर ही तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आणंद के ही अस्पताल ले जाया गया. कई दिन इलाज चलने के बाद भी उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार वो जिंदगी की जंग हार गए. बीजेपी विधायक के निधन की ख़बर से पार्टी में शोक का माहौल हो गया. कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जताया दुख
गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘उमरेठ के लोकप्रिय विधायक गोविंदभाई परमार के निधन की दुखद खबर सुनी. प्रार्थना है कि ईश्वर उनकी दिव्य आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस आघात को सहने की शक्ति प्रदान करें.’ बीजेपी विधायक के निधन की खबर के बाद उनके समर्थकों और बड़ी संख्या में बीजेपी नेताओं का वहां पहुंचना शुरू हो गया. उन्होंने भी परमार के निधन पर दुख जताया.
चार बार विधायक रहे गोविंद परमार
साल 1953 में जन्मे गोविंद परमार मध्य गुजरात के अनुभवी नेता रहे हैं. वो चार बार के विधायक चुने गए. साल 1995, 1998, 2017 और 2022 में गुजरात विधानसभा के लिए चुने गए. पहली बार वो 30 साल पहले आणंद जिले की सरसा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. साल 1998 के विधानसभा चुनाव में परमार ने कांग्रेस के टिकट पर सरसा सीट बरकरार रखी.
बाद में चुनाव हारने के बाद परमार भाजपा में शामिल हो गए. सरसा सीट को 2008 में उमरेठ विधानसभा क्षेत्र में मिला दिया गया था. 2012 के चुनावों में, उन्हें हार का सामना करना पड़ा. लेकिन, अगले दो चुनावों 2017 और 2022 में वह भाजपा के टिकट पर उमरेठ से विजयी रहे.

