बेंगलुरु : अप्रैल से कर्नाटक में अल्कोहल-इन-बेवरेज (एआईबी) आधारित नई उत्पाद शुल्क प्रणाली लागू होने जा रही है। इस नए नियम से बीयर और वाइन सस्ती हो सकती हैं। इसके साथ ही कर्नाटक देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां शराब पर टैक्स सीधे तौर पर अल्कोहल की मात्रा से जोड़ा जाएगा। इस नई प्रणाली के तहत सरकारी मूल्य निर्धारण पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा और मूल्य निर्धारण स्लैब घटकर आठ रह जाएंगे।

कर्नाटक सरकार का 2026-27 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि प्रति लीटर अल्कोहल पर एक समान उत्पाद शुल्क को 3-4 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा। बाजार में व्यवधान से बचने के लिए कीमतों में धीरे-धीरे बदलाव किए जाएंगे। इस सुधार का उद्देश्य उत्पाद शुल्क प्रणाली का आधुनिकीकरण, पारदर्शिता में सुधार, मूल्य निर्धारण को सरल बनाना और व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देना है।

क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआईबी आधारित एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर को विश्व स्तर पर अल्कोहल टैक्सेशन का स्वर्ण मानक माना जाता है। यह सीधे तौर पर अल्कोहल की मात्रा को टारगेट करती है। यह नकारात्मक बाह्यताओं का प्राथमिक स्रोत है। उन्होंने अगले वित्तीय वर्ष के लिए उत्पाद शुल्क क्षेत्र से 45,000 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य की घोषणा की।

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