अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है। अमेरिकी सैनिक सऊदी अरब में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तैनात था। मिसाइल अटैक में घायल होने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) से मिली जानकारी के मुताबिक इस युद्ध में अब तक 7 अमेरिकी सैनिकों की जान गई है।
बेरूत में IRGC के 5 कमांडरों की मौत
इधर, इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के पांस सीनियर कमांडरों को मौत के घाट उतार दिया है। IDF ने ट्वीट कर बताया कि यह कार्रवाई ऑपरेशन रोअरिंग लायन के तहत की गई।
190 से अधिक आतंकवादियों का सफाया
इजरायली सेना ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले एक सप्ताह में 820 हथियारों का उपयोग करके पूरे लेबनान में हवा, समुद्र और जमीन से 600 से अधिक आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इस दौरान 190 से अधिक आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया, जिनमें लेबनान में पीआईजे के कमांडर अबू हमजा रामी के साथ कई वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे। आईडीएफ की तरफ से बताया गया कि बेरूत में 27 बार हमले किए गए, जिनमें दहिह क्षेत्र में पांच हमले शामिल थे।
40 साल पहले लापता सैनिक की खोज में जुटी सेना
शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनके सैनिक शुक्रवार की रात को एक विशेष अभियान पर रवाना हुए। यह अभियान 40 साल पहले लापता हुए एक सैनिक की खोज से जुड़ा हुआ है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि हमारे वीर योद्धा कल रात एक विशेष अभियान पर रवाना हुए, जिसका उद्देश्य लगभग 40 वर्ष पूर्व लेबनान में बंदी बनाए गए जवान रॉन अराद को ढूंढना और उन्हें घर वापस लाना है।
ईरान कभी समर्पण नहीं करेगा
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालिबाफ ने कहा है कि ईरान युद्ध के दबाव में कभी समर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह मानना कि हम कुछ दिनों में सरेंडर कर देंगे, यह उनकी सबसे बड़ी गलती होगी। हमारा राष्ट्र और हमारे लोग बिना किसी संदेह के समर्पण नहीं करेंगे। वे लड़ेंगे, संघर्ष करेंगे और झुकेंगे नहीं।
बहरीन ने ईरानी हमलों की निंदा की
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में बहरीन ने खाड़ी देशों को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।
बहरीन के राजदूत जमाल फारिस अल-रुवैई ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) इन हमलों को अनुचित और जघन्य मानती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए इन हमलों को तुरंत रोकना जरूरी है।

