सनातन धर्म में खरमास का समय विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है। इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ, जप, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए यह अवधि बेहद शुभ मानी जाती है। वर्ष 2026 में खरमास की शुरुआत 14 मार्च से मानी जा रही है। मान्यता है कि इस समय किए गए कुछ सरल वास्तु उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम कर सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं खरमास के दौरान किए जाने वाले कुछ खास वास्तु उपाय।

खरमास 2026 कब से कब तक रहेगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार खरमास साल में दो बार आता है और इस दौरान सूर्य का गोचर विशेष राशियों में होता है। वर्ष 2026 में खरमास 14 मार्च की रात 01:08 बजे से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 तक रहेगा। जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करता है, तब यह अवधि प्रारंभ मानी जाती है। धार्मिक दृष्टि से इस समय विवाह और मांगलिक कार्यों को टालने की परंपरा है, लेकिन भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और कुछ खास वास्तु उपाय करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बढ़ने का विश्वास किया जाता है।

तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक

खरमास के दिनों में हर शाम तुलसी के पौधे के पास शुद्ध घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। नियमित रूप से यह उपाय करने से आर्थिक रुकावटें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है।

सूर्य देव को अर्घ्य देने की परंपरा

खरमास के दौरान रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना भी लाभकारी माना जाता है। अर्घ्य देते समय पानी में थोड़ा सा गुड़ और लाल फूल डालकर “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र का उच्चारण करें। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मबल, सम्मान और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ रुके हुए कार्यों में गति देने में सहायक माना जाता है।

पीले रंग का बढ़ाएं महत्व

खरमास के समय पीले रंग को विशेष महत्व दिया जाता है। पूजा स्थान पर पीले फूल चढ़ाना, पीले वस्त्र पहनना या जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। पीला रंग गुरु ग्रह से जुड़ा होता है, जो ज्ञान, धन और सौभाग्य का कारक माना जाता है। इस रंग का प्रयोग करने से जीवन में सकारात्मकता और उन्नति के योग मजबूत होते हैं।

भगवान विष्णु की भक्ति का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ समय होता है। इस अवधि में विष्णु मंत्रों का जप, श्रीमद्भागवत कथा का पाठ और नियमित पूजा-अर्चना करने से घर में शांति और समृद्धि का वास माना जाता है। सही वास्तु और भक्ति का संतुलन परिवार के जीवन में सुख और सफलता का मार्ग खोल सकता है।

(Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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